नई दिल्ली। राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर संरक्षित करने की मांग पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सरकार ने यह तय कर लिया है कि राम सेतु को नहीं तोड़ा जाएगा। फिर स्थायी संरक्षण देने में क्या दिक्कत है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर विस्तार से सुनवाई का आश्वासन दिया है। सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है।
पहले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वो रामसेतु को नहीं हटाएगा। केंद्र ने कहा था कि हम सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट के लिए अन्य विकल्प तलाशेंगे। पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि वो ये बताए कि वो राम सेतु का संरक्षण करना चाहती है या उसे हटाना चाहती है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को इसका जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर, 2017 को केन्द्र सरकार को स्वामी की अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। स्वामी ने इसमें कहा था कि सेतु समुद्रम परियोजना के खिलाफ 2009 में दायर याचिका वह वापस लेना चाहते हैं क्योंकि सरकार ने पौराणिक महत्व के राम सेतु को नहीं तोड़ने का फैसला किया है।