रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन बुधवार को भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच शून्यकाल के सवाल आते रहे। इसके बाद एक बजे सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
अंबा प्रसाद ने बड़कागांव में अंबानी द्वारा जमीन अधिग्रहण और राज्य में विस्थापन आयोग के सवाल पर पूरक पूछे। निराशा जताते कहा कि जब सरकार ने पूर्व में कहा था कि विस्थापन आयोग का गठन होगा तो राज्य में अब तक क्यों ऐसा नहीं हुआ है। आखिर विस्थापितों की कौन सुनेगा। उन्हें आश्वासन चाहिये कि इस आयोग का गठन होगा। इस पर प्रभारी मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि अभी ऐसे आयोग के गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है फिर भी अंबा प्रसाद की मांग पर विचार होगा।
सोनाराम किस्कू ने अलग प्रखंड की मांग रखी। भूषण बाड़ा ने मणिपुर हिंसा से प्रभावित परिवारों के झारखंड लौटने पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल मदद किए जाने, उनके राशन कार्ड और बच्चों की शिक्षा तय किए जाने का मसला रखा। नमन विक्सल कोंगाड़ी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के एक स्कूल में डे बोर्डिंग सेंटर की मांग की।
राजेश कच्छप ने नामकुम स्थित वाइल्डवाडी पार्क के निर्माण में रैयतों, धार्मिक स्थल की जमीन के कब्जे और इसके विवाद का मसला रखा। सरकार से मामले की पड़ताल समिति बनाकर करने को कहा। विनोद सिंह ने हाल के समय में मात्र 1221 लोगों को वन भूमि पट्टा दिए जाने पर सवाल उठाया। साथ ही विशेष कैंप लगाकर एक लाख से अधिक पेंडिंग पड़े आवेदनों पर फैसला लेते वन अधिकार कानून के पट्टा दिलाने की मांग की।
दीपिका पांडेय सिंह ने गोड्डा सहित अन्य क्षेत्रों में एनएचआई के लिए सड़क निर्माण में पेड़ों के कटाव पर चिंता जताई। पेड़ों को संरक्षित किए जाने और कटे पेड़ों का लेखा जोखा सरकार के स्तर से लिए जाने की मांग की। शिल्पी नेहा तिर्की ने लोहरदगा में पिछले दिनों बॉक्साइट माइंस में एक की मौत और माइंस संचालक की गिरफ्तारी नहीं होने का मसला उठाया।
माइनिंग एरिया में डीएमएफटी फंड से स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की मांग रखी। अंबा प्रसाद ने सामान्य शिक्षकों को भी अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा देने की डिमांड सरकार से की। विधायक रामचंद्र सिंह ने गृह विभाग के पास वित्तीय वर्ष 2018-19, 2019-20 के बकाये पड़ी राशि का भुगतान संवेदकों को कराए जाने का मसला उठाया। भूषण तिर्की ने जल सहियाओं को 51 माह के बकाये मानदेय का भुगतान करने की मांग की।
मथुरा प्रसाद महतो ने धनबाद के धनबाद के तोपचांची बाजार में भारी वाहनों के आवागमन से हो रही परेशानी को देखते फुट ब्रिज के निर्माण की बात कही। सरयू राय ने पटना स्थित गोविंद सिंह की जन्मस्थली के प्रबंधन कमिटी में झारखंड के सिखों की भी भागीदारी का मसला उठाया। इसके लिए बिहार सरकार से बात करने की अपील की। पूर्वी सिंहभूम के इलाकों में रामदास सोरेन ने सड़क निर्माण की डिमांड की।
अमित कुमार यादव ने कोडरमा में एनएच-33 में पथ निर्माण में चौड़ीकरण के मसले को उठाया। दिनेश विलियम मरांडी ने झारखंड की द्वितीय राजभाषा में शामिल संथाली को देवनागरी या रोमन में लिपिबद्ध किए जाने की मांग की। सुनीता चौधरी ने गोला प्रखंड (रामगढ़) में भैरवा जलाशय योजना का लाभ जल्द से जल्द चितरपुर सहित आसपास के किसानों को दिए जाने की मांग रखी।
शून्य काल के बाद स्पीकर ने ध्यानाकर्षण की सूचना दी। पर इस दौरान लगातार भाजपा विधायक वेल में हंगामा करते रहे। स्पीकर ने उनसे आसन पर जाने की अपील की पर भाजपाई तैयार नहीं हो रहे थे। वे कार्य स्थगन की मांग करते रहे जिसे स्पीकर ने नहीं माना। डॉ लंबोदर महतो ने बेरमो को जिला का दर्जा दिए जाने पर कार्यस्थगन मांगा जिसे ठुकरा दिया गया। अनंत ओझा ने सुखाड़ के विषय को रखा पर इसे भी योग्य नहीं माना गया।