झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों की मूल लड़ाई उनकी जमीन हड़पने के खिलाफ रही है. हेमंत सोरेन की सरकार ने कई सौ एकड़ जमीन आदिवासियों को वापस दिलवाई है. बीजेपी के नेताओं को यह बात हजम नहीं हो रही है. वे लोग चाहते हैं कि आदिवासियों का नामोनिशान मिटा दें. भाजपा शासन के विरुद्ध पूरे देश भर में नाराजगी है. भाजपा मणिपुर-हरियाणा में दंगे करवा रही है और झारखंड में सरकार को परेशान कर रही है. डराने का काम कर रही है. राज्य सरकार अगर नाराज हो गई तो देश की बत्ती गुल हो जाएगी. देश को सबसे ज्यादा खनिज और राजस्व देने वाला राज्य झारखंड है. शुक्रवार को पार्टी कैंप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस सुप्रियो ने ये बातें कही.
भाजपा की सरकार ने कभी आदिवासी दिवस नहीं मनाया
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर रांची में भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय समुदाय के लोगों ने भी शिरकत की. इसके लिए झामुमो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को धन्यवाद देता है. सुप्रियो ने कहा कि झारखंड में लंबे समय तक भाजपा ने शासन किया. लेकिन अपने शासनकाल के दौरान कभी भी आदिवासी दिवस नहीं मनाया. पर आदिवासी के नाम पर राजनीति बहुत किया.
आदिवासियों को तुच्छ समझते हैं भाजपा के लोग
झामुमो नेता ने कहा कि भाजपा के लोग दहाड़ मार कर आदिवासी महिला राष्ट्रपति की नियुक्ति, जनजातीय कल्याण मंत्रालय के गठन की बात करते हैं. लेकिन आदिवासी उनकी प्राथमिकता की सूची से गायब है. आदिवासी को वे तुच्छ समझते हैं. मणिपुर में महिलाओं को नग्न कर परेड करवाया जाता है.
सरकार को बदनाम करने की रची जा रही है साजिश
सुप्रियो ने कहा कि जब से हेमंत सोरेन के हाथ में राज्य की कमान आयी, उसे अस्थिर करने के लिए तरह-तरह की साजिश रची जाने लगी. हेमंत सोरेन व उनके परिवार पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया गया. एसआईटी का गठन हुआ. जांच हुई और रिपोर्ट भी सौंपी गई. और इसमें सोरेन परिवार को क्लीन चिट दे दी गई. इसे सार्वजनिक भी नहीं किया गया. अब फिर हेमंत सोरेन का नाम घसीटा जा रहा है. राज्य सरकार चाहती है कि कोई भी घोटाला हो रहा है तो उसे बंद किया जाए. लेकिन इसे ही आधार बना कर सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है. लेकिन हम डरनेवाले नहीं हैं. समय आने पर उसकी साजिशों का पर्दाफाश किया जाएगा. राजनीतिक और कानूनी तौर पर लड़ाई लड़ी जाएगी और यह लड़ाई हम जीतेंगे.