जींद। सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक्साइज तथा इनकम टैक्स विभाग में इंसपेक्टर का फर्जी ज्वायनिंग लेटर तथा ओएमआर शीट दिखा चार लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दे 34 लाख रुपये हडपने पर चार लोगों को नामजद कर कुछ अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर 11 निवासी जीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सफीदों रोड पर अपने भतीजे के सर्विस स्टेशन पर बैठता था। 2017 मे गांव शामलो कलां निवासी अनिल गाड़ी धुलवाने के लिए वहां पर आया और खुद को इनकम टैक्स विभाग में इंसपैक्टर बताते हुए कैथल मे पोस्टिड बताया। उसने बताया कि वह इनकम तथा एक्साइज विभाग में इंसपैक्टर लगवा सकता है। उसकी कमीश्रर राणा तथा अन्य अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है। अनिल की बातों में आकर अपने दामाद को इन्कम टैक्स में इंसपैक्टर लगवाने को कहा। जिसके लिए उसने 34 लाख की डिमांड की। 15 लाख रुपये अनिल को उसके घर पर दे दिए। उस दौरान अनिल के अलावा उसका भाई राकेश, पिता सतनारायण, उसका भांजा अजय मौजूद थे। जिन्होंने कहा कि उन्हें कमीश्रर राणा पर पूरा विश्वास है, काम पक्का है।
उन्होंने उसके दामाद की दी हुई परीक्षा की ओएमआर शीट की कॉपी भी दिखाई। साथ उसके दामाद का ज्वायनिंग लैटर भी दिखाया। विश्वास होने पर उसने अपने भतीजे महेंद्र, आनंद, पवन को नौकरी लगवाने के नाम पर 19 लाख रुपये ले लिए। जब एक्साइज इंसपैक्टर परीक्षा का परिणाम आया तो उसके दामाद सुरेश का नाम नहीं आया। सिलेक्शन न होने पर जब उसने राशि वापस मांगी तो आरोपित ने कुछ दिन इतंजार करने के लिए कहा। बावजूद इसके राशि का वापस नहीं लौटाया। जब उसने राशि के लिए दबाव बनाया तो आरोपितों ने राशि देने से मना कर करते हुए बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी। सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी रविंद्र ने पुलिस ने जीत सिंह की शिकायत पर अनिल, उसके भाई राकेश, पिता सतनारायण, उनके भांजे अजय को नामजद कर कुछ अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े का सहारा लेने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।