रांची। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास किया। इस दौरान हटिया रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन कहा कि प्रधानमंत्री देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत के दूरस्थ इलाकों की समस्याओं से अवगत हैं और उसे दूर करने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। रांची के हटिया एवं पिस्का रेलवे स्टेशन सहित राज्य एवं देश के विभिन्न स्टेशनों को विकसित करने की योजना इसका ज्वलंत प्रमाण है।

राज्यपाल ने कहा कि पूर्व में रेलवे स्टेशनों पर गंदगी रहती थी। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के रूप में उल्लेखनीय पहल की गई। देश के रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। पूरी दुनिया से आने वाले पर्यटक इसकी प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि सबका दायित्व है कि हमारे जितने भी सार्वजनिक स्थान हैं, उन्हें स्वच्छ रखें। स्वच्छता हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बन गया है और विश्वास है कि जल्द ही विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था होगी।

उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन बनाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा किये जा रहे पहल के लिए आभार प्रकट किया। इस अवसर पर उन्होंने हटिया रेलवे स्टेशन मॉडल का अवलोकन किया तथा यहां पर आयोजित चित्राकंन, कविता, निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया।

स्टेशनों के कायाकल्प से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: दीपक प्रकाश 
राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूरे देश में 508 रेलवे स्टेशनों का पुनरुद्धार एवं उन्नयन 24,470 करोड़ रुपये से किया जाना है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। रिडेवलपमेंट के बाद ये रेलवे स्टेशन वर्ल्ड क्लास स्टेशनों की तरह दिखेंगे। रेलवे स्टेशनों को रिडेवलप करने के पीछे सरकार का उद्देश्य शहरों को विकास के पथ पर आगे ले जाना है।

प्रकाश ने प्रधानमंत्री को साधुवाद देते कहा कि राज्य की जनता ने एक सपना देखा था, उसे धरातल में उतारने का काम नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं। झारखं खनिज संपदा वाला राज्य है। 2014 से पहले कभी भी रेलवे यात्रियों की सुविधा पर ध्यान नहीं दिया जाता था। सिर्फ खनिज की ढुलाई पर ध्यान में रखकर रेलवे पर खर्च किया जाता था। 2014 के बाद से रेलवे की बजट में चार गुना की वृद्धि की गई है। इसे 65 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख 40 हजार करोड़ किया गया है। यह नया विकसित, समर्थ, आत्मनिर्भर और शक्तिशाली भारत बनाने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। रांची सांसद संजय सेठ ने भी झारखंड को सौगात देने को केंद्र के प्रति आभार जताया।

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