रांची। बुधवार को विधानसभा में रात्रि गुजारने के बाद भाजपा विधायकों का धरना प्रदर्शन चलता रहा। भाजपा अपनी मांगों को लेकर अड़ी रही। राजमहल विधायक अनंत ओझा के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर सदन के अंदर लगातार चर्चा कराने की मांग विधानसभा अध्यक्ष से करते रहे। इसी पर विधानसभा अध्यक्ष ने राजमहल विधायक अनंत ओझा सहित 18 विधायकों को निलंबित कर दिया। इसी पर भाजपा विधायक ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सरकार के इशारे पर कार्य कर रहे हैं, उनको ये समझना चाहिए कि अध्यक्ष का पद एक संवैधानिक पद है।
अनंत ओझा ने कहा कि राज्य के युवाओं के रोजगार को लेकर आवाज बुलंद करते रहेंगे। चाहे इसके लिए कुर्बानी भी क्यंू ना देनी पड़े। पर हम अपने संकल्प से डगमगाने वाले नहीं हैं। हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में काला दिन के रूप में दर्ज हो गया। युवाओं के रोजगार, संविदाकर्मी की मांग, विधानसभा में करना हेमंत सरकार को नागवार गुजरा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में शांतिपूर्ण तरीके से झारखंड के युवाओं की मांग करने, उनके द्वारा 16 घंटा से अधिक यातना के बाद भाजपा के 18 विधायकों को कांग्रेस-जेएमएम के इशारे पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक निलंबित किया गया। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ नामित पत्रकारों तक को विधानसभा में प्रवेश नहीं मिला।