रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से चल रहा जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। बुधवार को छात्रों ने प्रेस वार्ता कर आंदोलन को दो महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान छात्रों ने सरकार की ओर से लिए गए फैसलों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया।

छात्रों ने कहा- आंदोलन खत्म नहीं, दो महीने के लिए स्थगित

  • जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच ने 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया था।
  • छात्रों का दावा है कि सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों पर कार्रवाई की है।
  • सरकार के फैसलों को छात्रों ने छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
  • आंदोलन को फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित किया गया है।
  • छात्रों ने कहा कि इस दौरान सरकार की कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी।
  • मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी गई।

22 परीक्षाएं रद्द होने को बताया संघर्ष की उपलब्धि

छात्रों ने कहा कि आंदोलन के दौरान परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित गड़बड़ियों की जांच और संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सरकार द्वारा अब तक 22 परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले को मंच ने झारखंड के युवाओं के लंबे संघर्ष की उपलब्धि बताया।

हालांकि, छात्रों का कहना है कि उनकी सभी मांगों पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। जिन परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, उनकी भी समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की मांग मंच की ओर से की गई है।

PGT परीक्षा रद्द करने की मांग पर कायम छात्र

छात्रों ने विशेष रूप से स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जिन प्रतियोगी परीक्षाओं में TDPL की भूमिका रही है और जिनमें अभय तिवारी की संलिप्तता सामने आती है, उन्हें रद्द किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि इसी आधार पर PGT परीक्षा को भी रद्द किया जाना चाहिए।

इसके अलावा छात्रों ने नगरपालिका से संबंधित परीक्षा, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा, माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं की भी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग रखी है।

सरकार की कार्रवाई पर रहेगी छात्रों की नजर

मंच के सदस्यों ने कहा कि आंदोलन को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि दो महीने के लिए स्थगित किया गया है। इस अवधि में परीक्षा संबंधी मामलों में सरकार की कार्रवाई की निगरानी की जाएगी। यदि तय समय में मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।

आंदोलन में सहयोग करने वालों का जताया आभार

छात्रों ने आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले लोगों और पुलिस प्रशासन के प्रति भी आभार जताया। इस दौरान राहुल क्रांति को सम्मानित किया गया, जबकि रूपेश पाल को माला पहनाकर सम्मान दिया गया। सविता को भी सम्मानित किया गया। कोतवाली थाना प्रभारी सनोज चौधरी ने सविता को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

छात्रों की ओर से पद्मश्री मधु मंसूरी को भी सम्मानित किया गया। छात्रों ने कहा कि 26 दिनों के संघर्ष में साथ देने वाले सभी लोगों के सहयोग को वे याद रखेंगे।

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