एम्स्टेलवीन। एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम मंगलवार को पूल डी के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। चीन के खिलाफ शुरुआती मुकाबला ड्रॉ खेलने के बाद अब भारतीय टीम की नजर टूर्नामेंट में पहली जीत दर्ज कर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल करने पर है। मुकाबला एम्स्टेलवीन के वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा।
चीन के खिलाफ ड्रॉ से बढ़ा आत्मविश्वास
भारत ने अपने पहले मुकाबले में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को कड़ी टक्कर दी और मैच 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुआ। भारत की ओर से नवनीत कौर और दीपिका ने गोल दागे। चीन ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया।
इस प्रदर्शन से भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। हालांकि, अब टीम को बनाए गए मौकों को गोल में बदलने और मैच को जीत में तब्दील करने पर जोर देना होगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए भी मुकाबला अहम
दक्षिण अफ्रीका को अपने शुरुआती मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में वह भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट में वापसी करना चाहेगा।
पूल डी में इंग्लैंड फिलहाल शीर्ष पर है, जबकि भारत और चीन के खाते में एक-एक अंक है। पूल की शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी, इसलिए भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोच ने खिलाड़ियों को किया सतर्क
भारतीय टीम के मुख्य कोच सजॉर्ड मारिजन ने खिलाड़ियों से अंक तालिका के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने चीन के खिलाफ टीम के मौके बनाने और मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन को सकारात्मक संकेत बताया, लेकिन गेंद पर कब्जा बनाए रखने में सुधार की जरूरत भी बताई।
मारिजन ने दक्षिण अफ्रीका को हल्के में नहीं लेने की सलाह देते हुए कहा कि वह भी अच्छी टीम है और भारत को मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
मौकों को गोल में बदलना होगी प्राथमिकता
चीन के खिलाफ भारत ने कई अच्छे मौके बनाए थे, लेकिन उन्हें निर्णायक गोल में बदलने की क्षमता में सुधार की जरूरत है। नवनीत कौर और दीपिका की ओर से गोल करना टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। साथ ही भारतीय रक्षापंक्ति को पिछले मुकाबले की तरह संयम और मजबूती बनाए रखनी होगी।
दक्षिण अफ्रीका की टीम भी पहली हार के बाद वापसी के इरादे से उतरेगी। ऐसे में भारतीय टीम को पूरे मुकाबले के दौरान सतर्क रहना होगा। भारत की कोशिश चीन के खिलाफ मिले आत्मविश्वास को जीत में बदलकर पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।



