भुवनेश्वर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर ओडिशा में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओडिशा इकाई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा युवा मोर्चा ने तीनों नेताओं पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान और उसके गायन में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
BJYM ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
ओडिशा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने कहा कि पार्टी ने तीनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालना और उसका अपमान करना दंडनीय अपराध है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था।
कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने का इशारा कर रही थीं, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस सामान्य घटना को राजनीतिक विवाद का रूप देकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने निकाला मौन जुलूस
विवाद के बीच भाजपा की भुवनेश्वर जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने राज्य पार्टी कार्यालय से मास्टर कैंटीन चौक स्थित कांग्रेस भवन तक मौन जुलूस निकाला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के कथित व्यवहार से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांगी माफी
भाजपा विधायक और ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने भी इस मामले को लेकर सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कथित घटना के लिए सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।
सुमित्रो चटर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने की बार-बार कोशिश की गई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि इतिहास ऐसी घटनाओं को आसानी से नहीं भूलता।
‘वंदे मातरम’ को लेकर उठे इस विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के बाद ओडिशा की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। जहां भाजपा मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और तथ्यों से परे बता रही है।



