रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हमें डिजिटल झारखंड बनाना है। लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। हमारे गांव भी डिजीटल हों, इसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध काम करना होगा। राज्य में बैंकों की 3000 से ज्यादा शाखाएं हैं। प्रति माह 1000 गांव को डिजिटल गांव बनाना है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में बैंकों के वरीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहीं।
लघु उद्योगों की मदद करें बैंक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में लघु उद्योगों का जाल बिछा रही है। इसमें उन्हें बैंकों से ऋण की जरूरत है। उन आवेदनों को भी जल्द निष्पादित करें। जो योग्य हैं, उन्हें लोन दें। लोगों को दौड़ायें नहीं। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूह, मुद्रा लोन के आवेदनों पर भी त्वरित निर्णय लें। बैंकों के बड़े बकायादारों से राशि वसूलने के लिए सरकार पूरी मदद करेगी। इसके अलावा भी जो समस्याएं हैं, उन्हें साझा करें। सरकार हर कदम पर बैंकर्स के साथ है।
बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव अमित खरे, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव केके खंडेलवाल, आइटी सचिव सत्येंद्र सिंह, उद्योग विभाग के निदेशक के रविकुमार, नाबार्ड तथा सभी बैंकों के राज्यस्तरीय प्रमुख एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
नये भारत के निर्माण में बैंकों की भूमिका अहम : सीएम ने कहा कि नया भारत बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा करने के लिए हम नया झारखंड बनाकर सहयोग देंगे। इसमें बैंकों की भूमिका अहम हो जायेगी। बैंकर्स यदि चाह लें, तो कोई काम मुश्किल नहीं है। झारखंड में छोटे-छोटे गांव हैं। यहां लक्ष्य ज्यादा कठिन नहीं होगा।
लोन संबंधी आवेदनों का त्वरित निष्पादन करें : सीएम ने कहा कि इस वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसमें बैंक बढ़-चढ़ कर योगदान दें। ग्रामीण बस सेवा के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। बैंक लोन से संबंधित आवेदनों को त्वरित गति से निष्पादित करें। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लंबित आवेदनों को अनिर्णय में लटकायें नहीं, अतिशीघ्र निष्पादन करें।