जमशेदपुर। कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) के युवाओं को कौशल विकास के तहत दी गई नौकरी रास नहीं आ रही है। पिछले साल 3000 से अधिक छात्रों का चयन कौशल विकास के तहत हुआ था। इनमें से 1500 से अधिक विद्यार्थी नौकरी छोड़ चुके हैं। इसकी शिकायत उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा को मिली है।

युवा दिवस पर प्रस्तावित स्किल समिट-2019
इसकी जानकारी के लिए उन्होंने कोल्हान के सभी कॉलेजों में पत्र भेज कर आदेश दिया है कि वह पता लगाए के किस विभाग से कितने युवाओं ने नौकरी क्यों छोड़ी है। सचिव राजेश कुमार शर्मा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में झारखंड कौशल विकास मिशन सोसायटी एवं कौशल विकास कार्यक्रम से संबंधित सरकारी एजेंसियों व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।। बैठक में कौशल विकास कार्यक्रम की चालू योजनाओं की प्रगति व 12 जनवरी 2019 को राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रस्तावित स्किल समिट-2019 की तैयारियों का जायजा भी लिया।

कोल्हान में 58 हजार नौकरी देने का लक्ष्य
वर्ष 2019 में राष्ट्रीय युवा दिवस उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को सर्वाधिक 58 हजार नियुक्ति पत्र बांटने का टास्क मुख्य सचिव की ओर से सौंपा गया है। इसके आलोक में उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र प्रेषित किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय को अपने स्तर से रोजगार मेला आयोजन करने व पासआउट छात्रों से संपर्क करने का भी आदेश दिया है।

जांच के बिंदू
किस-किस ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया था।
नौकरी छोड़ने का मुख्य कारण।
कॉलेजों ने अपने स्तर से क्या प्रयास किए।
छात्रों को कितना वेतन मिलता था।
प्लेसमेंट एजेंसी का नाम और पता क्या है।

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