रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास चीन यात्रा पर हैं। चीन यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के प्रतिनिधिमंडल ने मिनिस्टर आॅफ इंटरनेशनल डिपार्टमेंट आॅफ कम्युनिस्ट पार्टी आॅफ चाइना सोंध थाओ के साथ वार्ता की। सोंध थाओ ने कहा कि झारखंड में जो निवेश का वातावरण है, झारखंड का जो ग्रोथ रेट है, इज आॅफ डूइंग बिजनेस है, जो बिजनेस का माहौल है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि हालांकि झारखंड एक नया राज्य है, लेकिन ये 8.2 प्रतिशत के ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है, जो कि हाइली एप्रेसिएबल है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में निवेश की काफी संभावनाएं हैं।

सीएम ने ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट में हिस्सा लेने के लिए किया आमंत्रित : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड राज्य में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होनेवाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व की कई देशों के एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग से संबधित कई कंपनियां भाग लेंगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोंध थाओ के अलावा चाइनीज कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

सीएम की वार्ता रही सकारात्मक : सोंध थाओ के साथ हुई यह वार्ता बहुत ही सकारात्मक रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे के बाद भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों में बेहतरी आयी है। इस दौरे के बाद से देश के किसी राज्य के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर चीन में यह दौरा हुआ है और इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-चीन संबंध और चीन का भारत के विभिन्न राज्यों के साथ जिस प्रकार से निवेश करने एवं बेहतर संबंधों की कोशिश हो रही है, उस दृष्टि से यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है।

साथ मिलकर काम करें, तो बेहतर होगी जीडीपी रेट : वार्ता के दौरान सोंध थाओ ने यह माना कि दोनों देश भारत और चाइना की आबादी मिला कर 2.56 बिलियन हो जाती है, जो लगभग पूरे विश्व की आबादी की एक तिहाई है। वर्तमान में पूरे विश्व की जीडीपी की 21 प्रतिशत की हिस्सेदारी दोनों देश करते हैं।
सोंध थाओ ने कहा कि जीडीपी रेट और मजबूत हो सकती है, यदि दोनों देश एक साथ मिल कर काम करें। साथ ही वर्ल्ड ट्रेड में भी इन दोनों देशों की बहुत बड़ी भागीदारी हो सकती है। दोनों देशों का एक नेचुरल रिलेशनशिप है। ये दोनों एक नेचुरल फ्रेंड हैं और दोनों एक-दूसरे की आवश्यकताओं का सम्मान करते हैं। साथ ही पूरे विश्व की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में दोनों देश एक साथ काम करेंगे, तो दोनों देशों की इकोनॉमी भी आगे बढ़ पायेगी।

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