दुमका। झारखंड के संथाल परगना में धर्मांतरण का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। मिशनरियां स्थानीय दबंगों और नेताओं के सहयोग से पिछले पांच साल में 10 हजार से ज्यादा आदिवासियों को इसाई बना चुकी हैं। यह चौंकानेवाला खुलासा खुफिया विभाग ने राज्य सरकार को सौंपी गयी रिपोर्ट में किया है। इसमें खुफिया विभाग ने पूरी सिचुएशन को काफी अलार्मिंग बताते हुए ठोस कार्रवाई की जरूरत बतायी है। स्पेशल ब्रांच ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि संथाल परगना में मिशनरियां धर्मांतरण करा रही हैं। इस साजिश का पूरा केंद्र पाकुड़ जिला का लिट्टीपाड़ा बना हुआ है। लिट्टीपाड़ा से सटे लकड़ा, गोविंदपुर एवं कोकमोगोड़ा में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कर गरीब अदिवासियों को इसाई बनाया गया है।
मिशनरियां चला रहीं अभियान, पूरा का पूरा गांव हो गया इसाई
खुफिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि संथाल परगना क्षेत्र में इन दिनों अभियान चलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके मुताबिक लिट्टीपाड़ा से 15 किमी दूर स्थित लकड़ा, गोविंदपुर और कोमोगोड़ा गांव के अधिकांश लोगों का धर्मांतरण हो चुका है। इन्हें इसाई बनाया गया है। स्पेशल ब्रांच ने इस अभियान को लेकर चिंता जतायी है। यह भी कहा है कि इसी तरह पूरा का पूरा गांव धर्मांतरित होता रहा, तो इस क्षेत्र में आदिवासियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा।
बेहतर शिक्षा के नाम पर बच्चों को भेजा जा रहा है केरल और तमिलनाडू
रिपोर्ट के मुताबिक संथाल परगना प्रमंडल के साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा और दुमका जिले के गरीब आदिवासियों के बच्चों को गांव के ही मुखिया एवं ग्राम प्रधान की मिलीभगत से बेहतर शिक्षा का लालच देकर केरल और तमिलनाडू भेजा जा रहा है। उन्हें शिक्षा देने के बहाने उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। उनके माता-पिता से लिखित में यह लिया जा रहा है कि गरीबी के कारण बेहतर शिक्षा के लिए बाहर ले जाया जा रहा है। मिशनरियां कानूनी उलझन से बचने के लिए बच्चों के माता-पिता से लिखित ले रही हैं।
मुख्यमंत्री को भी कराया गया अवगत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है। संथाल में जारी धर्मांतरण संबंधी आॅडियो और अन्य जानकारी स्पेशल ब्रांच ने सीएम को उपलब्ध करा दी है। झारखंड में धर्मांतरण में पकड़े जाने पर चार साल तक की सजा और एक लाख जुर्माना का प्रावधान है।
झाविमो नेता भी शामिल, स्कूलों में भी कराया जा रहा धर्मांतरण
रिपोर्ट में बताया गया है कि झाविमो नेता जीतेंद्र मालतो, जो पहले स्वामी अग्निवेश के साथ मिलकर धर्म प्रचार और धर्मांतरण के कार्य में लगे थे, इन दिनों इसाई मिशनरी के साथ मिलकर धर्मांतरण करा रहे हैं। साहेबगंज के बरहेट प्रखंड में इसाई मिशनरियों द्वारा संचालित आवासीय बालिका विद्यालय में भी लड़कियों का धर्मांतरण करवाया जा रहा है। इसके एवज में उन्हें विद्यालय में मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। कई और तरह के प्रलोभन भी दिये जा रहे हैं।
खुफिया की रिपोर्ट के अनुसार लकड़ा, गोविंदपुर और कोमोगोड़ा में लोगों को कपड़ा, राशन, सोलर लाइट, बकरी और जरूरतमंद सामान बांटकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों को इंदिरा आवास, वृद्धा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सेवाओं का भी लालच दिया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इसके लिए आर्थिक मदद भी दी जा रही है। यह मदद स्थानीय नेताओं की मदद से दी जा रही है।