रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में एक महीने के अंदर भाषा एकेडमी की शुरुआत होगी। राज्य सरकार हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कृतसंकल्पित है। सरकार का प्रयास है कि स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी एवं सरकारी कार्यालयों में अधिक से अधिक कार्य हिंदी में हों। सरकारी कार्यालयों में हिंदी की अनिवार्यता के लिए राजभाषा विभाग द्वारा नीति बनायी जाये। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में अयोजित हिंदी दिवस समारोह में कहीं।

विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी का माध्यम बने हिंदी
सीएम ने कहा कि साहित्यकार, लेखक एवं कवि समाज का आइना होते हैं। आधुनिक युग में हमारी भाषा विज्ञान एवं टेक्नॉलाजी का माध्यम बने। सोशल मीडिया के माध्यम जैसे फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि में भी अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग कैसे हो, इस पर अनुसंधान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत बहुत ही बड़ा बाजार है। विश्व के विभिन्न देश भारत के बाजार में स्थापित होना चाहते हैं। इसलिए वे हिंदी सीखने पर जोर दे रहे हैं। बोध गया के रणविजय सिन्हा, चीन के यूआन विश्वविद्यालय में हिंदी के व्याख्याता हैं। वे चीन के लोगों को हिंदी सिखाते हैं एवं हिंदी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। आज भारत ही नही, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हिंदी दिवस समारोह का आयोजन हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा ही वह कड़ी है, जो सरकार एवं जनता को आपस में जोड़ती है। जब लोकतंत्र या जनतंत्र में सरकार जनता की होती है, तो कोई जनभाषा ही राजभाषा की अधिकारिणी हो सकती है। हिंदी भाषा राष्ट्र की पहचान, अस्मिता एवं राष्ट्रीयता से जुड़ी है। इसलिए हिंदी से प्रेम करें और अपनी मातृभाषा को न भूलें।

अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल पुरस्कार योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल पुरस्कार योजना की शुरुआत की गयी है। इसके तहत साहित्य के क्षेत्र में उदीयमान कवि, मीडिया के क्षेत्र में विख्यात पत्रकार एवं सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी को पुरस्कृत किया जायेगा। हिंदी पूरी दुनिया में विकसित हो, इसके लिए साहित्यकार, लेखक, कवि एवं पत्रकार सभी चिंतन और मंथन करें।

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