पिपरवार। प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के कुख्यात नक्सली रोहन गंझू की गिरफ्तारी को पिपरवार पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है। दरअसल खलारी-पिपरवार-बालूमाथ और मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में रोहन गंझू आतंक का पर्याय बन चुका था। रोहन गंझू उर्फ डिस्को की गिरफ्तारी पर से परदा उठाते हुए पिपरवार पुलिस ने उसके कारनामो से मीडिया को अवगत कराया। उसने बताया कि उसके पास से एक पिस्टल, एक पल्सर मोटरसाइकिल और दो जिंदा गोली भी बरामद किया गया है। पिपरवार थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में टंडवा एसडीपीओ आशुतोष सत्यम ने बताया कि खलारी-पिपरवार और मैक्लुस्कीगंज में यह नक्सली आतंक का पर्याय बन चुका था। वह अशोका परियोजना के निकट किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इस सूचना पर टीम का गठन कर छापामारी शुरू की गयी। इस क्रम में उसे हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में टीपीसी संगठन के लिए लेवी वसूलना और कोयला कारोबारियों को धमकाना, अपहरण करना और गोली मारकर हत्या करना उसके लिए एक खेल बन गया था। इस खेल को वह लगातार खेलता रहता था और लोगों की हत्या करता रहता था। उन्होंने बताया कि रोहन गंझू ने दिनदहाड़े 7 जून को सरना स्थल पर 100 लोगों की उपस्थिति में सीसीएल कर्मचारी सुरेश उरांव की गोली मारकर हत्या कर पूरे खलारी-पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। उन्होंने बताया कि रोहन गंझू को रांची पुलिस और चतरा पुलिस पिछले कई साल से तलाश कर रही थी। चतरा पुलिस कप्तान अखिलेश बी वारियर को मिली गुप्त सूचना पर छापामारी की यह कार्रवाई की गयी थी। इस प्रेस कांफ्रेंस के अवसर पर टंडवा एसडीपीओ आशुतोष सत्यम, पिपरवार थाना प्रभारी मनोरंजन प्रसाद सिंह, पिपरवार सर्किल इंसपेक्टर निहारदेव टोप्पो, प्रशिक्षु अवर निरीक्षक ओम शरण, सहायक अवर निरीक्षक अशोक शर्मा उपस्थित थे।
रोहन ने राज उगले
पुलिस की गिरफ्त में आये नक्सली रोहन गंझू उर्फ डिस्को ने पुलिस के समक्ष पिपरवार कोयला परियोजना, अशोका कोयला परियोजना, सीएचपी/सीपीपी कोल वाशरी, पुरनाडीह परियोजना में लेवी की वसूली में शामिल अपने संगठन के कई लोगों के नामों का खुलासा किया है। इसकी जानकारी देते हुए टंडवा एसडीपीओ आशुतोष सत्यम ने बताया कि लेवी वसूली में शामिल लोगों के नाम की जांच की जा रही है। जांच के बाद उनके विरुद्ध उन तमाम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
आठ हत्या और दो अपहरण कांड में आरोपित है नक्सली रोहन गंझू
पिपरवार पुलिस के हत्थे चढ़ा टीएसपीसी नक्सली संगठन की अग्रिम पंक्ति का रोहन गंझू चार सीसीएल कर्मचारी, कोयला कारोबारी समेत आठ लोगों की हत्या का आरोपित है। रोहन गंझू ने 7 जून 2018 को सीसीएल कर्मचारी सुरेश उरांव की हत्या दिन के 10 बजे गोली मारकर की थी। विनोद उरांव को 19 अक्टूबर 2017 को सुबह छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं 19 अप्रैल 2015 को नक्सली दीपू सिंह के साथ मिलकर सीसीएल कर्मचारी राजेंद्र राम की हत्या बिजन गांव में ही कर दी थी,।17 मई 2012 को न्यू-मंगरदाहा निवासी बसीर अंसारी, सज्जाद अंसारी की हत्या लायंस क्लब के निकट बीच सड़क पर गोली मारकर कर दी थी। 27 नवंबर 2016 को दिन दहा़ड़े खलारी थाना क्षेत्र के डकरा चौक पर कोयला व्यवसायी रिंकू सरदार की हत्या सुबह में की थी। 21 जून 2016 को धमधमिया में दुखन गंझू को दौड़ाकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, 28 नवंबर 2017 को जेजेएमपी उग्रवादी प्रदीप महतो की गोली मारकर हत्या कर हथियार लूट लेने की बात कही। 28 जनवरी 2018 को बेती गांव निवासी उर्मिला देवी और उसकी बेटी सरिता कुमारी को घर से उठाकर पिटाई करने का मामला रोहन गंझू के खिलाफ दर्ज है।
बात-बात में हत्या कर देता था रोहन गंझू : एसडीपीओ
मामूली बात को लेकर किसी की भी हत्या कर देता था नक्सली संगठन टीएसपीसी का कुख्यात शूटर रोहन गंझू। उक्त बातें टंडवा एसडीपीओ आशुतोष सत्यम ने प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने बताया कि नौकरी के नाम पर सीसीएल कर्मचारी सुरेश उरांव के द्वारा दो लाख रुपये लिये जाने पर उसने नाराजगी जताते हुए गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। एक युवती के साथ सांठ-गाठ का आरोप लगाते हुए सीसीएल कर्मचारी विनोद उरांव की हत्या उसने कर दी। बात नहीं मानने पर राजेंद्र राम एवं रिंकू सरदार की हत्या कर दी थी। रोहन गंझू ने केस नहीं उठाने पर नाराजगी जताते हुए बेती गांव की महिला का अपहरण कर पिटाई कर दी थी।