रांची। रांची यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को अब सभी तरह के फाॅर्म और प्रमाण पत्र 50 रुपए की जगह 100 रुपए में मिलेंगे। इनमें रजिस्ट्रेशन, अंक प्रमाण पत्र का फाॅर्म, ट्रांसक्रिप्ट, माइग्रेशन, मूल प्रमाण पत्र समेत अन्य फाॅर्म शामिल हैं। शुल्क वृद्धि के संबंध में आरयू प्रशासन द्वारा बुधवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी का अवकाश है। इसलिए 14 सितंबर से यह प्रभावी हो जाएगा। यूजी, पीजी और पीजी कोर्स में लगभग 1.5 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। हर स्टूडेंट को एक सेशन की पढ़ाई पूरी करने में चार फाॅर्म लेना अनिवार्य है। इनमें एडमिशन के बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म, फिर स्नातक डिग्री, मार्क्सशीट के दो, इसके बाद माइग्रेशन के लिए एक और फाॅर्म लेने पड़ते हैं।

प्रत्येक स्टूडेंट एक सेशन की पढ़ाई पूरी करने में लेते हैं चार फाॅर्म

वेरिफिकेशन के लिए देने होंगे अब 400 रुपये : सरकारी और निजी संस्थानों द्वारा रांची यूनिवर्सिटी से पास आउट स्टूडेंट्स के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन आते रहते हैं। इस मद में भी आरयू प्रशासन द्वारा शुल्क बढ़ा दिया गया है। अब प्रति आवेदन वेरिफिकेशन शुल्क के मद में चार सौ रुपए देने पड़ेंगे। वर्तमान में वेरिफिकेशन मद में 200 रु. लिए जाते हैं। बताते चलें कि रांची यूनिवर्सिटी के प्रतिमाह सैकड़ों प्रमाण पत्र वेरिफिकेशन के लिए आते हैं।

ट्रांसक्रिप्ट के शुल्क मद में चार गुना राशि की बढ़ोतरी : रांची यूनिवर्सिटी द्वारा सबसे अधिक ट्रांसक्रिप्ट सर्टिफिकेट के शुल्क मद में वृद्धि की गई है। इस सर्टिफिकेट के अभी सिर्फ 25 रुपए शुल्क मद जमा करना पड़ता था। लेकिन 14 सितंबर से ट्रांसक्रिप्ट के लिए आवेदन देने वाले स्टूडेंट्स को एक सौ रुपए जमा करना पड़ेगा। यानी इस मद में चार गुना वृद्धि की गई है। बताते चलें कि देश के बाहर जॉब करने वाले स्टूडेंट्स को ट्रांसक्रिप्ट सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है।

पीएचडी रजिस्ट्रेशन शुल्क अब 5000 रु. : रिसर्च काउंसिल में स्वीकृति मिलने के बाद अभ्यर्थियों को पीएचडी के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जाती है। अब रजिस्ट्रेशन के लिए अभ्यर्थियों को तीन की जगह पांच हजार रुपए शुल्क मद में जमा करने होंगे। बताते चलें आरयू से प्रति वर्ष लगभग एक हजार से अधिक से अधिक स्टूडेंट्स पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं।

पीएचडी वार्षिक शुल्क मद में लगेगे 2000 रु. : आरयू प्रशासन द्वारा पीएचडी कर रहे अभ्यर्थियों से वार्षिक शुल्क लिया जाता है। इस शुल्क में भी वृद्धि की गई है। अब शोध वर्क कर रहे अभ्यर्थी को शुल्क मद में दो हजार रुपए जमा करने पड़ेंगे। वर्तमान मे इस मद में एक हजार रुपए लिए जाते हैं। बताते चलें कि रांची यूनिवर्सिटी में आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि स्ट्रीम में अभ्यर्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाती है।

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