पलामू। सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत भाकपा माओवादी संगठन के सदस्य कमलेश कुमार गंझु ने गुरुवार को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। कमलेश उर्फ उमेश उर्फ बिरसई जी उर्फ साकेज जी लातेहार का रहने वाला है। इस पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। कमलेश के खिलाफ गढ़वा जिले में करीब 33 और लातेहार में लगभग 44 मामले दर्ज हैं।

माओवादी संगठन में कद काफी ऊंचा था
कमलेश कोयलशंख, बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य था। कमलेश का माओवादी संगठन में कद काफी ऊंचा था। इस जोन के भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के शीर्ष नेता अरविंद जी के बाद इसका दूसरा स्थान था। कोयलशंख जोन बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ में संगठन के विस्तार नीति निर्धारण कार्रवाई की योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कमलेश के सरेंडर कर लेने के बाद माना जा रहा है कि संगठन को काफी नुकसान हुआ है।

9 साल की उम्र में जुड़ा था संगठन से
पिछले करीब 25 सालों से सक्रिय रूप से नक्सली संगठन से जुड़ा कमलेश कुमार 9 वर्ष की आयु में ही संगठन से जुड़ गया था। कमलेश ने पुलिस के साथ माओवादियों के कई मुठभेड़ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सरेंडर के दौरान कमलेश को 25 लाख रुपए का चेक सौंपा गया।

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