रांची। बूटी रोड स्थित रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल को रांची नगर निगम ने तोड़ने का आदेश दिया है। निगम ने हॉस्पिटल संचालक को 15 दिन के भीतर पूरी बिल्डिंग तोड़कर सूचना देने को कहा है। साथ ही गलत तरीके से हॉस्पिटल का निर्माण कराने पर संचालक पर चार लाख रुपए जुर्माना भी लगाया है। निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त डॉ. शांतनु अग्रहरि ने पिछले महीने यह आदेश देते हुए सहायक नगर आयुक्त ज्योति कुमार को कार्रवाई करने को कहा था। हालांकि डॉ. शांतनु के तबादले के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह अस्पताल निर्माण के बाद से ही विवादों में रहा है। क्योंकि इसका निर्माण पब्लिक ओपन स्पेस वाली जमीन पर हुआ है। आरआरडीए द्वारा गलत नक्शा पास करने सीबीआई जांच की घोषणा के बाद ही रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल और जगरनाथ हॉस्पिटल की फाइल आरआरडीए से गायब हो गई थी।
12 मीटर ऊंचाई मान्य, बना दिया 23.65 मी.
हाईकोर्ट ने 2011 में अवैध निर्माण की जांच का निर्देश दिया था। इसके बाद जांच कमेटी बनी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही हॉस्पिटल पर अवैध निर्माण का केस दर्ज हुआ। रिपोर्ट में बताया गया था कि हॉस्पिटल तक जाने वाला रास्ता (मीन्स ऑफ एक्सेस) मात्र 4.72 मीटर है। इतनी चौड़ी सड़क पर मात्र 12 मीटर ऊंचाई ही मान्य है। जबकि बिल्डिंग की ऊंचाई 23.65 मीटर है।
संचालक का तर्क, सिर्फ 1.85 मीटर विचलन
संचालक की ओर से बताया गया कि हॉस्पिटल तक जाने के लिए बूटी रोड से सड़क मिली हुई है। उतनी चौड़ी रोड पर 21.8 मीटर ऊंची बिल्डिंग का परमिशन मान्य है। मात्र 1.85 मीटर ही विचलन है।
आरआरडीए ने भी दो तल्ला तोड़ने का दिया था आदेश
आरआरडीए ने भी सात वर्ष पहले रांची चिल्ड्रन हॉस्पिटल के दो तल्ला को अवैध माना था। आरआरडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष ने हॉस्पिटल प्रबंधन को दो तल्ला तोड़ने का निर्देश दिया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
इंजीनियरों से मिलीभगत कर बढ़ाई रोड की चौड़ाई
रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल का निर्माण जिस समय हुआ उस दौरान वहां तक जाने के लिए मात्र 8 फुट सड़क की चौड़ाई थी। तीन वर्ष पहले भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन अभियंता पीके सिंह से मिलीभगत कर चौड़ाई बढ़ा ली।