वंशीधर नगर। क्षेत्रीय विधायक भानु प्रताप शाही ने युक्तिकरण के नाम पर पूरे प्रदेश में पारा शिक्षकों के स्थानांतरण को अवैध बताया है। गढ़वा जिले में हुए स्थानांतरण के मामले में पूर्व डीएसइ ब्रजमोहन कुमार पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में बोलते हुए विधायक भानु ने कहा कि इस मामले को वे विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठायेंगे और गढ़वा के निर्वतमान डीएसइ पर कार्रवाई किये जाने तथा सरकारी कर्मी की तरह पारा शिक्षकों का स्थांतरण किये जाने पर सभी पारा शिक्षकों को सरकारी कर्मी की तरह सैलरी एवं सुविधा दिलाने की मांग सरकार से किये जाने की बात कही। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक भानु ने कहा कि पारा शिक्षकों को अन्य पंचायतों या दस से पंद्रह किमी दूरी पर स्थानांतरित पारा शिक्षकों को आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक रूप से शोषण किया जा रहा है। इससे पारा शिक्षक आहत हैं।

उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के तबादले का वे कड़े शब्दो मे निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वतमान डीएसइ जिन पर पूर्व में कई एलिगेशन लगे हैं। डीएसइ ने व्यापक पैमाने पर पैसा की लेनदेन कर पारा शिक्षकों का अन्य पंचायतों में तबादला कर स्वयं भी रातों रात स्थानांतरण करवाकर भाग गये। विधायक भानु ने कहा कि वे विधानसभा में इस मुद्दे को किसी भी तरह पुरजोर तरीके से उठायेंगे एवं भ्रष्ट डीएसइ पर कार्रवाई की मांग करते हुए उसे जेल भेजवाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा एक तरफ सरकार पारा शिक्षकों को सरकारी अंग नहीं मानती है वहीं अल्प मानदेय पर सभी सरकारी कार्य करवाने के साथ सरकारी कर्मी की भांति तबादला कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के पारा शिक्षकों को भी छत्तीसगढ़ एवं बिहार की तर्ज पर 30 से 40 हजार रुपये सैलरी पीएफ एवं ग्रेच्युटी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा हम पारा शिक्षकों के हितार्थ बनी उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। किंतु उक्त कमेटी भी तीन महीनों के बजाय छह माह में भी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप सकी। वहीं इसी बीच पारा शिक्षकों का तबादला बिना ग्राम शिक्षा समिति के अनुमोदन ही कर दिया गया जो की गैर कानूनी है। यदि सरकार इसे विधिक मानती है तो पारा शिक्षकों को मिलने वाले हक की लड़ाई भी हम लड़ेंगे। स्थायीकरण के मुद्दे पर संघर्षरत पारा की लड़ाई को मुकाम तक पहुचायेंगे। इस मौके पर भगत दयानंद यादव, मनोज पहाड़िया, लक्ष्मण राम, नागेंद्र गुप्ता ,ललु ठाकुर, अमरेंद्र सिंह सहित अन्य नसमो कार्यकता उपस्थित थे।

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