रांची। झारखंड में होनेवाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चल रहे मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आठ सितंबर और 15 सितंबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाये जायेंगे। इस शिविर में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, नाम पता और अन्य डिटेल्स में गड़बड़ियों को सुधारने और नाम हटवाने समेत अन्य दावों और आपत्तियों के निराकरण के लिए आवेदन जमा लिये जायेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल आॅफिसर की अनिवार्य उपस्थिति को लेकर सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दे दिये गये हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रमंडलीय आयुुक्त और जिलों के उपायुक्तों को आॅब्जर्वर प्रतिनियुक्त किया गया है। वह इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय को पूरी जानकारी उपलब्ध करायेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दो सितंबर से मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है। 17 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी योग्य नागरिक जिनकी आयु एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष या उससे अधिक है, लेकिन मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं है, तो वह दर्ज करा सकते हैं।
वहीं जिनका नाम पता या कोई अन्य डिटेल गलत दर्ज है, तो इसको भी सुधार करा सकते हैं। इसके लिए आॅफलाइन और आॅनलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। 17 सितंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य चलने के दौरान जितनी भी आपत्तियां या नये वोटर के लिए आये आवेदन का निबटारा 27 सितंबर होगा। चार अक्टूबर को पुनरीक्षित मतदाता सूची की जांच जिला निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा किया जायेगा। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 12 अक्तूबर को होगा।
बताया कि छह सितंबर तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, गड़बड़ियों में सुधार और नाम हटवाने को लेकर 29,464 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अब इन आवेदनों का भौतिक सत्यापन बीएलओ के द्वारा किया जायेगा। योग्य नागरिकों को अक्टूबर माह के अंत तक नया एपिक कार्ड जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण-पदस्थापन पर 12 अक्टूबर तक के लिए रोक लगा दी गयी है, ताकि यह कार्यक्रम प्रभावित नहीं हो।