रांची। झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा की समस्याओं को सुलझाने के लिए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखेंगे। उन्होंने मोर्चा के सदस्यों को यह आश्वासन दिया है वह इस मामले का निराकरण जल्द करायेंगे। सोमवार को उनसे मोर्चा के सदस्यों ने मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। उनकी बातें सुनने के बाद सुदेश महतो ने उनकी मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया। झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आमरण अनशन का सोमवार को पांचवां दिन था। उनका अनशन मोरहाबादी मैदान के गांधी प्रतिमा स्थल पर चल रहा है। रविवार को अनशन पर बैठे मोर्चा के नेता रघुनाथ सिंह को पुलिस प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने पर रिम्स में भर्ती करा दिया। उसके बाद मोर्चा ने ब्रह्मदेव पांडेय को आमरण अनशन पर बिठाया है।
झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा अपनी मांगों को लेकर पांच सितंबर से अनशन पर है। मोर्चा के अध्यक्ष मंडल के सदस्य अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को आमरण अनशन का पांचवा दिन है। वित्त रहित शिक्षा में राज्य में 1250 संस्थाएं कार्यरत हैं। इन संस्थानों से हर साल चार से पांच लाख बच्चे पढ़कर निकलते हैं। 20,000 लोग इन संस्थानों में कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 85 करोड़ का अनुदान सरकार की ओर से दिया गया था पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने केवल 35 करोड़ की राशि संस्थानों को दी। यह राशि नाकाफी थी। मोर्चा की मांग है कि वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने के लिए अविलंब उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाये। अनुदान की राशि सीधे शिक्षकों और कर्मचारियों के खाते में भेजी जाये। अनुदान अधिनियम और नियमावली के अनुसार दिया जाये। वहीं बार-बार स्कूल और कॉलेजों को जांच के नाम पर परेशान न किया जाये।
संस्कृत और मदरसा शिक्षकों को नियमावली के अनुसार दोगुना अनुदान दिया जाये। मोर्चा की नौ सूत्री मांगें हैं।