नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने बुधवार को सिविल सेवा क्षमता निर्माण मिशन कर्मयोगी को मंजूरी दे दी। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम सिविल सेवकों को भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत कराते हुए उन्हें विश्वभर की सर्वोत्तम प्रथाओं को सिखाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को इससे जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसका मकसद सिविल सेवकों को आज के समय के अनुसार कल्पनाशील और नवाचारी, सक्रीय एवं सरल, पेशेवर एवं प्रगतीशील,  उर्जावान एवं समर्थकारी, पारदर्शी एवं तकनीकि युक्त और रचनात्मक एवं सृजनात्मक बनाना है।

केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि कर्मयोगी मिशन जनअपेक्षा पर खरा उतरने वाले अफसरों को तैयार की योजना है। हाल ही में सरकार ने शिक्षा नीति की घोषणा की है और अब हम अगले चरण में अफसरों की शिक्षा की नई नीति लेकर आए हैं।

जितेन्द्र सिह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को एक आदर्श कर्मयोगी के तौर पर तैयार करना है। यह अधिकारियों को उनकी भूमिका के आधार पर उचित स्थान देगा और इस योजना से संस्थागत क्षमता विकास का काम होगा।

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