एक तरफ जहां LAC पर चीन भारत के साथ लगातार तनाव बढ़ा रहा है, वहीं पाकिस्तान इस तनाव का फायदा उठाने की कोशिश में लगा है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर नया पैंतरा अपनाया है। पाकिस्तान ने फैसला किया है कि वो अब गिलगित-बल्टिस्तान को अलग प्रांत का दर्जा देगा और वहां चुनाव भी कराए जाएंगे।

आज पाकिस्तान के पीएम इमरान खान गिलगित जाएंगे। माना जा रहा है कि इमरान खान गिलगित-बल्टिस्तान को आज अलग प्रांत बनाए जाने का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। दरअसल, पाकिस्तान ने कुछ हफ्ते पहले ही अपना नया नक्शा जारी किया था, जिसमें उसने भारत के साथ विवादित क्षेत्रों को सीधे-सीधे अपना बता डाला था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की योजना है कि इस्लामाबाद नियंत्रित परिषद की शक्तियों के दो साल बाद गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवा प्रांत बनाया जाए, जिसे स्थानीय विधानसभा में स्थानांतरित कर दिया गया।

सरकार की योजनाओं का खुलासा इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के संघीय मंत्री अली अमीन गंडापुर ने किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को संवैधानिक अधिकारों जैसे कि संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व के साथ एक पूर्ण प्रांत का दर्जा दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान के जल्द ही इस क्षेत्र का दौरा करने और परिवर्तन के बारे में औपचारिक घोषणा करने की उम्मीद है।

उन्‍होंने कहा, “सभी हितधारकों के साथ परामर्श के बाद संघीय सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान को संवैधानिक अधिकार देने के लिए सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने वहां के लोगों से किए गए वादे को पूरा करने का फैसला किया है।” गंडापुर ने यह भी कहा कि संवैधानिक अधिकार देने के बाद क्षेत्र से सब्सिडी और कर छूट वापस नहीं ली जाएगी। जब तक वहां के लोग अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते, तब तक वे इस सुविधा का आनंद लेते रहेंगे।”

घटनाक्रम से परिचित लोगों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना बदलावों को लेकर राजनीतिक दलों के संपर्क में थी। इमरान खान की सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी गिलगित-बाल्टिस्तान में आगामी चुनावों पर नज़र रखते हुए बदलावों का समर्थन कर रही है ताकि वह राजनीतिक लाभ उठा सके और क्षेत्र में अगली सरकार बना सके। गंडापुर ने कहा कि चुनाव नवंबर के मध्य में होने की संभावना थी। उन्होंने कहा कि तैयारियां पूरी हो गई हैं और पीटीआई द्वारा टिकटों का वितरण जल्द ही शुरू हो जाएगा।

1999 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग पाकिस्तानी नागरिक हैं और संघीय सरकार को उचित प्रशासनिक और विधायी उपाय शुरू करने का निर्देश दिया। 2009 में गिलगित-बाल्टिस्तान सशक्तीकरण और स्व-शासन आदेश पेश किया गया था, जिसके तहत उत्तरी क्षेत्रों का नाम बदलकर गिलगित-बाल्टिस्तान कर दिया गया था और इस क्षेत्र को प्रांत-जैसा दर्जा दिया गया था, लेकिन संसद में प्रतिनिधित्व के बिना।

2015 में संघीय सरकार द्वारा गठित एक समिति ने गिलगित-बाल्टिस्तान को एक प्रांत का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया और तीन साल बाद एक नए आदेश ने स्थानीय परिषद की सभी शक्तियों को स्थानीय विधानसभा में स्थानांतरित कर दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान सेना ने अगस्त से जम्मू और कश्मीर में बदलाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।

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