रांची | जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित प्रोजेक्ट प्लस 2 उच्च विद्यालय में आसपास के कुछ मुस्लिम युवक हिंदू और आदिवासी लड़कियों को धमकी देकर उनपर दोस्ती करने का दबाव डाल रहे हैं। हथियार लहराते हुए शिक्षक दिवस के दिन स्कूल में घुसे मनचले युवकों ने नौवीं कक्षा की छात्राओं को धमकी दी है कि दोस्ती करो, नहीं तो उठा लेंगे। स्कूल के शिक्षकों व कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया तो उन्हें भी अंजाम भुगतने की धमकी दी। छात्राओं के अनुसार इस तरह की धमकी एक सप्ताह से आदिवासी और अन्य हिंदू लड़कियों को लगातार दी जा रही हैं। डरी-सहमी छात्राओं ने अभिभावकों को घटना की जानकारी दी है। मामले को लेकर शनिवार को स्कूल परिसर में बैठक हुई। पूरे मामले की जानकारी ओरमांझी थाना पुलिस को दे दी गई है। घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मायापुर चंदरा निवासी सभी आरोपित फिरदौस अंसारी, सुहैल अंसारी, मुजम्मिल अंसारी, तौफिक अंसारी, जमील अंसारी के खिलाफ ओरमांझी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
आरोपितों के स्वजन भी बैठक में शामिल हुए
बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, आदिवासी 22 पड़हा के पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक, प्रबंध समिति के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। बैठक में स्कूल के छात्रों से घटना की पूरी जानकारी ली गई। बैठक से पूर्व कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी कुछ छात्रा के घर जाकर उससे पूछताछ की और सच्चाई की पुष्टि की। कुछ आरोपितों के अभिभावक भी बैठक में पहुंचे थे। ग्रामीण बैठक में ही आरोपित युवकों को बुलाने व मौके पर ही फैसला करने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलने पर ओरमांझी थाना की पुलिस भी पहुंची। ग्रामीणों ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को आवेदन दिया है। थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सभी पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल की छत पर बैठ करते हैं छेड़खानी
बैठक में स्कूल की छात्रों ने बताया कि मायापुर के कुछ युवक कुटे, कोकदोरा, चकला व चंदवे के युवकों को बुला कर स्कूल व आसपास अड्डाबाजी कराते हैं। वह नशे का सेवन करते हैं और स्कूली छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं। इनका मन इतना बढ़ गया है कि स्कूल की दीवार फांदकर अंदर आ जाते हैं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ भी करते हैं। विरोध करने पर छात्रों व शिक्षकों को भी धमकी दी जाती हैं। इसकी जानकरी स्कूल प्रबंधन समिति को भी है। उनमें से कुछ छात्र उसी स्कूल में पढ़ते हैं, जिन्हें फिलहाल स्कूल से निष्कासित किया गया है। स्कूल में पढने वाली छात्राएं बुरी तरह डरी हुईं हैं सबसे विडंबना यह है की यह सब कुछ काफी दिनों से हो रहा है लेकिन मुस्लिम युवको के खिलाफ कुछ भी कहने से ग्रामीण डर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है की इन लम्पटों को मुस्लिम नेताओं और पुलिस प्रशासन की सह मिली हुई है.
शिक्षक दिवस की दिन बढ़ा यह विवाद
शिक्षक दिवस के दिन पांच सितंबर को विवाद तब बढ़ा जब स्कूल में लगे जेनरेटर को आरोपितों ने उलट दिया। फिर स्कूल के शिक्षक व छात्रों के सामने हथियार लहराते हुए कुछ छात्रों के साथ मारपीट भी की। हथियार लहराने व छात्रा को उठा लेने की धमकी देने की जानकारी स्थानीय लोगों को हुई तो वह भड़क गए।
बैठक में ये जनप्रतिनिधि भी थे उपस्थित
बैठक में जिला परिषद सदस्य कमिश्न मुंडा, मुखिया सुनील उरांव, पंसस रश्मि तिर्की, पूर्व मुखिया रमेशचंद्र उरांव, हरिलाल मुंडा, समाजसेवी डा. बिरसा उरांव, प्रबंध समिति के अध्यक्ष रसीद अंसारी, अर्जुन साहू, नरेश साहू, सिकंदर उरांव, रामप्रसाद महतो, जब्बार अंसारी, हैदर अंसारी, लखनलाल महतो, अमित राज, संजीव महतो, दीपक कुमार, उज्जवल साहू, एतवा उरांव सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।