बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उत्तर प्रदेश के फूलपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा हो रही है। जेडीयू के एक सीनियर नेता इस तरह की बात कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) बिहार से प्रकाशित अखबारों में फुल पेज का विज्ञापन दे रहे हैं।
वैसे तो लोकसभा चुनाव में अभी करीब पौने दो साल का वक्त है। मगर तैयारी ऐसी कि जैसे अगले तीन-चार महीने में ही चुनाव हो। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार यूपी के फूलपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार हो सकते हैं। फूलपुर से नीतीश कुमार के चुनावी मैदान में उतरने से पूर्वांचल का चुनावी समीकरण बदल सकता है। फूलपुर लोकसभा सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में नीतीश कुमार की उम्मीदवारी को पीएम नरेंद्र मोदी को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में अब स्थिति साफ हो रही है कि जदयू नीतीश कुमार को सीधे प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने खड़ा करने की तैयारी में जुट गई है।
जदयू के कद्दावर नेता ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान यूपी से आए प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश जी से उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की गुजारिश की थी। उन्होंने ये कहा था कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें यूपी से चुनाव लड़ना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा की ललन सिंह ने क्या कहा, इस पर मैं जोर नहीं दूंगा लेकिन उत्तर प्रदेश पर हमारा फोकस है। उत्तर प्रदेश जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण भी है। ये राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम स्टेट है। इसलिए यदि नीतीश जी उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ते हैं तो यह पार्टी और विपक्षी एकता दोनों के लिए अच्छा होगा। सीधे-सीधे नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे रहे हैं, के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये चुनौती नहीं है, पार्टी रणनीतिक रूप से विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ रही है। ऐसे में अगर नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश में कहीं से भी चुनाव लड़ते हैं तो वो विपक्षी एकता और विपक्ष की एकता के लिए उठाया गया कदम होगा।
इधर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव बिहार से प्रकाशित अख़बारों में फुल पेज विज्ञापन देकर अपनी ब्रांडिंग कर रहे हैं. 31 अगस्त को पटना आगमन के दौरान तेलंगाना सीएम के. चंद्रशेखर राव के सामने भी नीतीश कुमार को विपक्ष के पीएम उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा हुई। तमाम उठक-बैठक के बाद भी भी उनके नाम का ऐलान नहीं हुआ। अब तेलंगाना के सीएम बिहार के अखबारों में अपने किए कार्यों के बारे में फुल पेज विज्ञापन दे रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की तस्वीर के साथ छपे विज्ञापन में लिखा गया है कि अनुसूचित जनजाति का अभूतपूर्व विकास एवं सशक्तिकरण तेलंगाना राष्ट्र-सर्वश्रेष्ठ नेतृत्व।