रांची | 5 सितंबर को झारखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा विधायक समरी लाल की सदस्यता को लेकर सदन में सवाल उठाया था. मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि देखिए, कैसे ये फर्जी विधायक मुंह छुपाये बैठा है. अब तीन दिन बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने भाजपा विधायक को उनके गलत जाति प्रमाण मामले में एक नोटिस जारी कर दिया है. मतलब अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ अब भाजपा विधायक पर भी उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर विकट परिस्थिति बनी हुई है