आजाद सिपाही संवाददाता
देवघर। गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। उधर देवघर डीसी ने सांसद और देवघर एयरपोर्ट के निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ कुंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। मामला 31 अगस्त को देवघर एयरपोर्ट पर हुए हंगामे से संबंधित है।
डॉ दुबे ने देवघर डीसी के खिलाफ भादवि की धारा 124बी, 353, 120बी, 441, 448, 201, 506 और आॅफिशियल सिक्रेट एक्ट की धारा 2/2 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी है। इससे पूर्व सांसद ने देवघर डीसी के खिलाफ एफआइआर के लिए देवघर एसपी को भी मेल कर आवेदन दिया था, जिसमें डीसी पर कार्य में बाधा पहुंचाने, बिना इजाजत के प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने, एयरपोर्ट डायरेक्टर को धौंस दिखाने, जान से मारने के लिए पुलिस को उकसाने सहित कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं। देवघर में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर उन्होंने दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
कुंडा थाना में सांसद सहित नौ पर दर्ज है मामला
उधर 31 अगस्त को गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, उनके बेटे कनिष्क कांत दुबे, माहिकांत दुबे, सांसद मनोज तिवारी, मुकेश पाठक, देवता पांडेय, पिंटू तिवारी और अन्य के खिलाफ देवघर एयरपोर्ट के एटीसी में जबरन प्रवेश करने और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जबरन एटीसी क्लीयरेंस लेने के आरोप में डीएसपी सुमन आनन की शिकायत पर कुंडा थाने में भादवि की धारा 336, 447 एवं 10 (2)/11(ए) सहित कई अन्य में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्राथमिकी के अनुसार 31 अगस्त को शाम में दिल्ली वापसी के दौरान सांसद निशिकांत दुबे समेत अन्य लोग जबरन एटीसी रूम में प्रवेश कर गये। इसके बाद क्लीयरेंस लेकर चार्टर्ड प्लेन से वापस चले गये, जबकि देवघर एयरपोर्ट पर सूर्यास्त के बाद लैंडिंग या टेकआॅफ की अनुमति नहीं है।
आधी रात तक ट्विटर पर भिड़े रहे सांसद और देवघर डीसी
इधर शुक्रवार की देर रात इसी मामले में ट्विटर पर सांसद और डीसी भिड़े रहे। रात करीब साढ़े 11 बजे सांसद ने देवघर डीसी पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि यह एक अपराधी का अंदाज है, जो जबरदस्ती बिना अनुमित के सुरक्षा घेरा तोड़ कर घुसता है। आप एयरपोर्ट के अंदर किस हैसियत से गये, आपको सीसीटीवी देखने की इजाजत किसने दी। इसके जवाब में उपायुक्त ने सांसद को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि वह एयरपोर्ट के टर्मिनल में इंट्री पास लेकर गये थे। साथ ही कहा कि उपायुक्त देवघर भी एयरपोर्ट के बोर्ड आॅफ डायरेक्टर का एक सदस्य है। उसके बाद सांसद ने फिर लिखा कि उपायुक्त किसकी अनुमति से सीसीटीवी कैमरे, एप्रॉन और एटीसी टावर में गये। उन्होंने नियम का उल्लंघन किया है। इसका जबाव देते हुए उपायुक्त ने लिखा कि वह एप्रॉन और एटीसी में नहीं घुसे थे। उनका कहना था कि इस मामले की जांच संबंधित अधिकारियों के जिम्मे छोड़ दिया जाना चाहिए।
इसके बाद रात करीब 12 बजे सांसद ने फिर ट्वीट किया और लिखा कि सीआइएसएफ या राज्य पुलिस सिर्फ सुरक्षा देने के लिए एयरपोर्ट पर होती है, ना कि सीसीटीवी फुटेज की जानकारी देने के लिए। इस पर उपायुक्त ने सांसद के समक्ष कुछ सवाल रखे। उन्होंने पूछा कि किसकी अनुमति से सांसद एटीसी कमरे में गये? किसकी अनुमति से उनके दो बच्चे एटीसी कमरे में गये? किसकी अनुमति से उनके समर्थक वहां गये? इसका जवाब देते हुए सांसद ने लिखा कि उन्होंने एयरपोर्ट के अधिकारियों से इन बारे में आवश्यक अनुमति ली थी। साथ ही वह एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य हैं और इस नाते वहां जाकर जांच कर सकते हैं। वह हाइकोर्ट में रात्रि उड़ान में हो रही देरी को लेकर केस भी लड़ रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त पर न्यायालय की अवमानना करने का आरोप लगाया।
इधर उपायुक्त भी रुकने के मूड में नहीं थे। उन्होंने जबाव देते हुए लिखा कि रात की उड़ान सेवा का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस बारे में वह कुछ नहीं कहेंगे। चूंकि फिलहाल देवघर में रात में उड़ान की सुविधा नहीं है, आये दिन फ्लाइट रद्द हो रही है, ऐसे में सांसद कैसे चार्टर्ड प्लेन को शाम के 6:17 बजे उड़ा ले गये, जबकि सूर्य शाम के 6:03 बजे ही अस्त हो चुका था। इसके बाद रात के करीब 12:29 बजे सांसद ने अंतिम ट्वीट करते हुए उपायुक्त को उड्डयन विभाग के नियमों को पढ़ने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि एक आइएएस अधिकारी से बेहतर कार्य करने की अपेक्षा है। अब यह मामला हर स्तर पर जांच का विषय है। ऐसे में उपायुक्त कृपया कर कुछ भी कमेंट करने से पहले नियम के बारे में पढ़ लें।
उन्होंने अंत में चुटकी लेते हुए लिखा कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। इस ट्वीट के जवाब में डीसी ने लिखा कि वह जरूर इस सलाह पर अमल करेंगे, लेकिन पहले सांसद इन सुरक्षा नियमों की जानकारी ले लें।
सुबह हुई तो सांसद फिर एक्टिव हो गये
रात में इतनी बहस करने के बाद सांसद और डीसी दोनों सो गये. सुबह हुई तो सांसद फिर एक्टिव हो गये. सुबह 11.47 बजे ट्विट कर कहा झ्र मेरे ऊपर 8 झूठे केस करने वाले डीसी को हटाने का आदेश चुनाव आयोग ने 5 दिन पहले ही चीफ सेक्रेटरी को भेजा है, उल्टे ये केस कर रहे हैं. दोपहर 1.32 बजे उन्होंने फिर लिखा- जो एयरपोर्ट का संचालन कर रही है, देवघर एयरपोर्ट संदीप धींगरा के ऊपर केस है. मैंने तो सीसीटीवी फुटेज मांगा, जिसमें डीसी धींगरा को धमका रहा है. क्या केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान को मारपीट, गाली-गलौच करने का ठेका हेमंत सोरेन ने देवघर डीसी को दिया है. इसके बाद भी कुछ और ट्विट इसी मुद्दे पर सांसद की ओर से किये गये हैं.