आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि झारखंड में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध खनन हुआ है। इडी ने बुधवार को प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार पंकज मिश्रा को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। पंकज मिश्रा झारखंड के मुख्यमंत्री और बरहेट के विधायक के राजनीतिक प्रतिनिधि है और उनके विधानसभा क्षेत्र में संचालित कथित अवैध खनन गतिविधियों को अपने सहयोगियों के जरिये नियंत्रित करते हैं। गौरतलब है कि बीते 16 सितंबर को इडी ने रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में पंकज मिश्रा और उनके दो सहयोगियों-बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इडी के मुताबिक पंकज मिश्रा द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित लगभग 42 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति की पहचान की गयी है। इडी द्वारा गिरफ्तार पंकज मिश्रा, बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने कहा है कि उसने राज्य में अब तक अवैध खनन से अर्जित लगभग एक हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान की है। इडी के मुताबिक, धन शोधन से जुड़े इस मामले में 47 तलाशी अभियान चलाये गये, जिनमें 5.34 करोड़ रुपये की नकदी, 13.32 करोड़ रुपये बैंक जमा राशि, 30 करोड़ रुपये मूल्य का पानी जहाज, पांच स्टोन क्रशर और दो ट्रक जब्त किये गये हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, छापेमारी में दो एके-47 राइफल भी बरामद हुए हैं, जिन्हें बाद में झारखंड पुलिस ने अपना बताया था।
बता दें कि इडी की जांच तब शुरू हुई थी, जब एजेंसी ने अवैध खनन और जबरन वसूली के कथित मामलों को लेकर 8 जुलाई को झारखंड के साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा इलाके में पंकज मिश्रा और उनके कथित सहयोगियों के 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इडी ने मार्च में मिश्रा और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी शुरू की थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि मिश्रा ने ‘अवैध रूप से बड़े पैमाने पर संपत्ति हड़पी या अर्जित की है। इडी ने साहिबगंज जिले के बरहरवा पुलिस थाने में मिश्रा के खिलाफ दर्ज राज्य पुलिस की प्राथमिकी और शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आदि की विभिन्न धाराओं के तहत अवैध खनन व्यापार मामलों में दायर कुछ अन्य पुलिस शिकायतों का संज्ञान लिया था।