-गरीब आदिवासी विधवा का प्रधानमंत्री आवास तोड़ा गया, मुख्यमंत्री मौन रहे
-गैर मजरुआ जमीन दलाल बिचौलिये बेच रहे
गुमला/सिसई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपनी संकल्प यात्रा के पांचवें चरण की शुरूआत सिसई विधानसभा क्षेत्र की जनसभा से की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए अपने पुराने तेवर में राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने हेमंत सरकार को अपराध ,लूट, भ्रष्टाचार का संरक्षक बताया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार से विकास की उम्मीद बेमानी है। इसे उखाड़ कर फेंके बिना राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त और विकास युक्त नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा के विकास के लिए संकल्पित है। कहा कि नये संसद भवन को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति के वंदन और उसके सशक्तिकरण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% सीट आरक्षित होने से नारी शक्ति की अपार ऊर्जा संसदीय प्रणाली से जुड़ कर देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभायेगी।
श्री मरांडी ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है, वहीं राज्य की हेमंत सरकार में लूट, अपराध और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। राज्य में रोज हत्या, अपहरण, डकैती की घटनाएं हो रही हैं। व्यवसायी वर्ग दहशत में है। बहन बेटियों की इज्जत घरों में भी सुरक्षित नहीं। यहां की पुलिस अपराधियों को दंडित करने में नहीं, बल्कि अपराधियों को बचाने में लगी है। पुलिस का काम अब केवल वसूली करना रह गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर बोलते हुए कहा कि थाना, ब्लॉक कहीं भी बिना पैसे का कोई काम नही होता। पदाधिकारी बेखौफ बोलते हैं कि पैसा ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है।
मरांडी ने कहा कि राज्य में खान-खनिज, पत्थर-बालू, जमीन और गरीबों के अनाज लूटे जा रहे। महाजन प्रथा का विरोध करते-करते मुख्यमंत्री का परिवार आज सबसे बड़ा महाजन बन गया है। कहा कि रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका सब जगह हेमंत सोरेन ने आदिवासियों की जमीन नाम बदल बदल कर ली है। उन्होंने कहा कि गैर मजरूआ जमीन को दलाल बिचौलिये बेच रहे और आदिवासी विधवा के प्रधानमंत्री आवास को पदाधिकारी बुलडोजर से तुड़वा रहे हंै। मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे रहे। कहा, जब गरीबों को हेमंत सोरेन नहीं सुन रहे, तो पदाधिकारी क्यों सुनेगा। कहा कि भाजपा सरकार आते ही ऐसे पदाधिकारी के वेतन से पैसे वसूले जायेंगे। विधवा का घर बनेगा और अगर नहीं बना, तो बाबूलाल मरांडी वापस यहां नही आयेंगे। उन्होंने कहा कि। हेमंत सरकार ने नियुक्ति वर्ष के नाम पर युवाओं को ठगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी बिना पिछड़ों को आरक्षण दिये पंचायत चुनाव करा दिये और अब नगर निकाय चुनाव को रोक दिया। ट्रिपल टेस्ट अभी तक शुरू नहीं हुआ। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि यह सरकार सड़क की मरम्मत तक नहीं करा पा रही। विद्यालयों में शिक्षक नही, अस्पताल में डॉक्टर्स नहीं, दवाई नही, एंबुलेंस नहीं, नर्स नहीं। उन्होंने कहा कि राज्य को इस राज्य संपोषित भ्रष्टाचार, लूट, अपराध को समाप्त करने के लिए भाजपा को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भाजपा की मजबूती के लिए संकल्प दिलाया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनूप अधिकारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, प्रवीण सिंह, विनय लाल, मिसिर कुजूर, किरण बाड़ा, अमर यादव सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।