रांची। नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव के धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना से संबंधित मामले में सभी आरोपितों के लिखित बहस सीबीआई कोर्ट में मंगलवार को प्रस्तुत किए गए।
इससे पूर्व बीते 23 सितम्बर को सीबीआई और बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई थी। इसके बाद सीबीआई की विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट ने बचाव पक्ष को कहा था कि यदि वह लिखित बहस देना चाहते हैं तो दे सकते हैं। मामले में कोर्ट ने उसी दिन फैसले की तिथि 30 सितम्बर निर्धारित की थी। पूर्व में सीबीआई की ओर से हुई बहस के दौरान तारा शाहदेव की ओर से कोहली पर लगाए गए आरोपों का समर्थन किया गया था जबकि बचाव पक्ष की ओर से बहस में तारा की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया गया था।
उल्लेखनीय है कि मामले में मुख्य आरोपित रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल के अलावा हाई कोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (विजिलेंस) बर्खास्त मुश्ताक अहमद एवं कोहली की मां कौशल रानी ट्रायल फेस कर रहा है। आरोपितों के खिलाफ दो जुलाई, 2018 को आरोप गठित किया गया था। सीबीआई ने 2015 में केस टेक ओवर किया था। रंजीत कोहली एवं तारा शाहदेव की शादी 7 जुलाई, 2014 को हुई थी। सीबीआई ने 22 मई, 2017 को रंजीत सिंह कोहली सहित तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।