-‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में हुए शामिल, विपक्ष पर जम कर बरसे : हेमंत
आजाद सिपाही संवाददाता
जामताड़ा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अभी-अभी पता चला है कि ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्वीकृति दी गयी है। ये लोग चाहते हैं कि एक ही दल राज करे, एक ही सरकार रहे। चाहे राज्य में हो या देश में हो। अब दूसरी कोई सरकार नहीं। सिर्फ ये सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाले लोग, ये सामंती लोग राज करने की फिराक में हैं। आप तैयार रहियेगा। एक तरफ पूंजीपतियों की ये जमात और दूसरी तरफ गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों की जमात। इनको लोकसभा चुनाव में जो सीख मिली है, वही विधानसभा में सीख विधानसभा में भी देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री बुधवार को ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जामताड़ा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जम कर निशान साधा है।
भाजपा नेता लगातार गिद्ध की तरह मंडरा रहे:
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग जहां झगड़ा करते हैं, वहीं इनकी राजनीतिक रोटी पकती है। ये गुजरात की जमात झारखंड, बिहार में सांप्रदायिक सौहार्द्र कैसे बिगड़े उसी में लगी रहती है। इनके पास नेता नहीं हैं, तो अगल-बगल के राज्यों से नेता बुलाते हैं। हमारे विरोधी भाजपा के नेता लगातार इस राज्य में गिद्ध की तरह मंडरा रहे हैं। इन लोगों ने रेल बेच दी, स्टेशन बेच दिया, हवाई जहाज बेच दिया, एयरपोर्ट बेच दिया। जो प्लेटफॉर्म टिकट दो रुपया में मिलता था, उसकी कीमत 50 रुपया हो गयी। अभी ये लोग सांप्रदायिक दंगा फैलाने में लगे हैं। कल से ये लोग गांव-गांव घूमेगा और कहेगा कि हिंदू खतरे में है, हिंदू मुस्लिम करेगा, आदिवासी-गैर आदिवासी करेगा और हम लोगों को आपस में लड़वायेगा। ये लोगों में ऐसे जहर बोते हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र में तनाव फैलता है। अभी दो-तीन महीने में चुनाव होने वाला है। ये लोग पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव फैला कर हमेशा प्रयासरत रहते हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में भी पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव फैला दिया। देश के प्रधानमंत्री लगातार हिंदू मुस्लिम की तुष्टिकरण करते रहे और नतीजा ये हुआ कि पूरे देश की जनता ने भाजपा को 6 इंच छोटा कर दिया। आज ये सरकार बनाने के लिए बैशाखी का सहारा लेते हैं।
मील का पत्थर साबित होगी मंईयां सम्मान योजना:
सीएम ने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा है कि हम पूरे राज्य का दौरा कर रहे हंै। हम जानना चाहते हैं कि जो हमने वादा किया था कि हमारी सरकार रांची से चलने वाली सरकार नहीं, हमारी सरकार गांव से चलने वाली सरकार है, तो वह गांव से चल रही है कि नहीं। मंईयां सम्मान योजना इस राज्य की आधी आबादी के लिए ऐसा कदम है, जो महिला सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रही है। 2019 में हमने सरकार बनायी, उस वक्त कोरोना आ गया। सब कुछ बंद हो गया था। उस समय भी हमने अफरा तफरी का माहौल नहीं बनने दिया। पहले लोगों को पेंशन नहीं मिलती थी, आज हमने कानून बना दिया है कि 50 साल से ऊपर के सभी को पेंशन मिलेगी। जो विपक्ष 20 सालों में नहीं कर पाया, हमन ेपांच साल में किया है।
बकाया राशि नहीं देती है केंद्र सरकार:
इतना काम करने के बावजूद हमारे विपक्ष के पेट में दर्द होने लगा। हमको दो साल तक परेशान किया। झूठा आरोप लगा कर जेल भेज दिया। सरकार कोई काम करे इडी सीबीआइ को लगा कर रोड़ा लगाने लगे। हक अधिकार मांगने लगे तो जेल में डालने लगा। 1 लाख 36 करोड़ कोयला का बकाया अभी तक नहीं दिया है। अगर उसका ब्याज ही हमको दे देता तो विकास की रफ्तार में कई गुणा तेजी होती। सब चीज में सौतेला व्यवहार। इन्होंने राशन देने में भी हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया। आवास देने के लिए हम लोग भारत सरकार के पास नाक रगड़ते रहे, लेकिन नहीं दिया। तब हमने फैसला किया कि हम अबुआ आवास देंगे। आनेवाला पांच साल के अंदर सभी गरीबों को अबुआ आवास मिलेगा। अभी चुनाव आया है तो भारत सरकार ने डेढ़ लाख लोगों को पैसा स्वीकृति किया है। ये व्यापारियों की जमात है। ये पैसा गरीबों को नहीं देंगे, बल्कि आपसे महंगाई बढ़ा कर आपकी जेब से पैसा निकाल लेगा।