रांची। झारखंड हाइकोर्ट के 16वें चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस एमएस रामचंद्र राव ने बुधवार को शपथ ली। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें राजभवन के बिरसा मंडप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश, महाधिवक्ता राजीव रंजन, हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता, स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष, काउंसिल के अध्यक्ष, सदस्य एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव, सदस्य समेत अपर महाधिवक्ता और महाधिवक्ता कार्यालय के सभी अधिवक्ता मौजूद थे।
जस्टिस एमएस रामचंद्र राव इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 जुलाई को उनके ट्रांसफर की सिफारिश की थी। जस्टिस राव का जन्म 7 अगस्त 1966 को हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से बीएससी गणित (ऑनर्स) की पढ़ाई की। इसके बाद वर्ष 1989 में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से एलएलबी पास किया। जस्टिस राव एलएलबी के अंतिम वर्ष में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित हुए। वर्ष 1991 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय यूके से एलएलएम की डिग्री प्राप्त की।
जस्टिस राव को 29 जून 2012 को आंध्रप्रदेश हाइकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद स्थायी न्यायाधीश बने। इन्होंने तेलंगाना हाइकोर्ट, पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट में भी अपनी सेवा दी है। पदोन्नति मिलने के बाद 30 मई 2023 को जस्टिस राव को हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। जस्टिस राव के पिता जस्टिस एम जगन्नाथ राव भारत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और भारत के विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष थे। जस्टिस राव के दादा एमएस रामचंद्र राव भी आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।