रांची। झारखंड हाइकोर्ट में देवघर में दर्ज केस को निरस्त करने का आग्रह करने वाली सांसद निशिकांत दुबे की याचिका की सुनवाई शनिवार को हुई। मामले में हाइकोर्ट की एकल पीठ ने संशोधन पिटीशन दाखिल करने के निशिकांत दुबे के आवेदन को स्वीकार करते हुए उन्हें दो सप्ताह में संशोधन पिटीशन दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही संशोधन पिटीशन दाखिल होने पर राज्य सरकार को जवाब के लिए चार सप्ताह का समय मिला है।
पूर्व में निशिकांत दुबे ने मोहनपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह किया था, लेकिन मामले में अब आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, जिसे संशोधन पिटीशन के माध्यम से हाइकोर्ट में चुनौती दी जानी है। कोर्ट ने मामले में निशिकांत दुबे के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी रखी है।
देवघर के मोहनपुर थाना में सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कांड संख्या 281 /2024 दर्ज की गयी थी। इसी केस को निरस्त करने का आग्रह उनकी ओर से किया गया। निशिकांत दुबे पर आरोप है कि उन्होंने मोहनपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति जो बाजार में बैल खरीद बिक्री करता था, उसे बांग्लादेशी घुसपैठिया बताते हुए उसके साथ मारपीट की थी और उसका बैल भगा दिया था।
निशिकांत दुबे ने
उस व्यक्ति को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। निशिकांत दुबे का कहना था कि उस क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा गाय-बैल की तस्करी की जाती है।