झरिया। झरिया कोयलांचल क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से पानी की किल्लत ने स्थानीय लोगों को त्रस्त कर रखा है। झमाडा प्रबंधन और नगर निगम के आलाकमान के दावों के विपरीत, पानी की तस्करी का गोरखधंधा लगातार जारी है, जो इस गंभीर समस्या पर सवाल उठाता है कि जिम्मेदार कौन हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के परिणामस्वरूप दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे पानी सप्लाई करने वाली मोटर जलमग्न हो गई है। इस वजह से झरिया क्षेत्र के निवासियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लेकिन इस बीच, पानी के अवैध व्यापारियों ने इस स्थिति का लाभ उठाते हुए, पानी की टंकी के साथ सैकड़ों वाहनों में पानी भरकर बाजार में बेचने का काम शुरू कर दिया है।

ये तस्कर एक टंकी पानी के लिए एक हजार से दो हजार रुपए तक मांग रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग मजबूरी में इसे खरीदने को विवश हैं। यहां अचंभा यह है कि जब सप्लाई की मोटर पानी में डूब चुकी है, तो ये अवैध वाहनों को पानी कैसे मिल रहा है? जांच में पता चला है कि स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह गोरखधंधा चल रहा है, जिससे पानी माफियाओं का नेटवर्क मजबूत हो चुका है। इस गंभीर स्थिति पर जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। पानी माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय जनता को उनके मूलभूत अधिकार—पानी—से वंचित न होना पड़े। वहीँ, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है, क्यो की इस प्रकार का बहाना बनाकर अधिकारी कर्मचारी आपना पोकेट गर्म कर रहे है ओर उनकी लापरवाही और भ्रष्टाचार स्थानीय लोगों की जेब पर भारी असर पड़ रहा है।

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