देवघर के पतरो नदी के सलैया घाट पर हाल ही में करोड़ों की लागत से बनाए गए पुल के दोनों छोर का अप्रोच रोड बारिश के पानी में बहने लगा है. अप्रोच रोड के बारिश के पानी में बहने से स्पष्ट है कि इसके निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है. लोग पुल के दो पिलरों के भी क्षतिग्रस्त हो जाने की बात कह रहे हैं. अब स्थानीय लोग इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करने लगे हैं.
मालूम हो कि देवघर और मधुपुर को जोड़ने वाले पतरो नदी पर बनाए गए पुल के दो पिलर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अपनी गलती छिपाने के लिए विभाग और संवेदक की मिलीभगत से इन्हें मिट्टी से ढक दिया गया है. साथ ही पुल के दोनों छोर सलैया और लोढाजोर घाट पर बनाया गया अप्रोच रोड भी बारिश की पानी में जर्जर हो गया है. यहां पर कई गड्ढे निर्मित हो गए हैं. पुल तक पहुंचना ही कठिन हो गया है.
इधर घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग पर विभागीय अभियंता कुछ भी बोलने से लगातार कतरा रहे हैं. मगर मामला उपायुक्त के सामने लाए जाने के बाद इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पुल निर्माण की तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए गए हैं.
झारखंड में आधारभूत संरचना विकसित करने के नाम पर खास कर पुल-पुलिया और सड़कों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन इसकी आड़ में अधिकारी-इंजिनियर और संवेदक की मिलीभगत से सरकारी राशि की बंदरबांट भी की जा रही है. यानी भ्रष्टाचार नहीं थम रहा है. देवघर का यह नवनिर्मित पुल इसका एक बड़ा उदाहरण है.