वाराणसी : देश ही नहीं दुनिया के जाने माने यूनिवर्सिटी में सुमार किए जाने वाले बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी बीएचयू में छेड़खानी की एक घटना पर मचा बवाल अभी ठंडा भी पड़ा था कि ऐसी ही एक और घटना ने यूनिवर्सिटी को हिल कर रख दिया, जिसके बाद अब पूरे मामले पर विवाद और भी बढ़ता जा रहा है।
बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग का मानना है कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के पूरे घटनाक्रम के लिए साफ तौर पर वीसी जिम्मेदार हैं। पिछले दिनों बीएचयू में छात्रा के साथ छेड़खानी और लाठीचार्ज के बाद महिला आयोग की टीम यहां बुधवार को जांच के लिए आई थी।
आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि वीसी की संवादहीनता के कारण ही इतनी बड़ी घटना घटी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि, ’40 घंटे से धरना दे रही छात्राओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, इसकी पुष्टि जांच में हुई है। बाहरी लोगों की भी माहौल बिगाड़ने मे भूमिका रही है।’
उन्होंने कहा कि आयोग इस पर एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट पेश करेगा। तो वहीं उन्होंने आगे कहा कि जब हमने फोन पर वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी से बात करने की कोशिश तो उन्होंने मना कर दिया। अब आयोग उन्हें समन करेगा। गुरुवार को महिला आयोग ने बताया था कि छात्राओं से पूछताछ में उन्हें पता चला है कि बीएचयू में लैंगिक भेदभाव भी काफी हद तक था।
जानकारी की अनुसार फिलहाल लैंगिक भेदभाव दूर करने की दिशा में पहल करते हुए बीएचयू प्रशासन को छात्रावासों का समय बदलने और लाइब्रेरी चौबीस घंटे खोलने के साथ प्रयाप्त सुरक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं।
बीएचयू में छेड़छाड़ की घटना पर अभी भी विराम नहीं लगा है। कैंपस में महिला आयोग की जांच चल रही है और दूसरी ओर बीएचयू के समाजशास्त्र विभाग में गुरुवार को कथित तौर पर एक छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना सामने आई। इसके बाद पीड़ित छात्रा मामले की शिकायत करने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के पास पहुंची। फिलहाल आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।