नई दिल्ली: पिछले दिनों चुनाव आयोग ने कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तारिखों का ऐलान किया था, लेकिन तब आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए तारिखों का ऐलान नहीं किया था। जिसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के दवाब में काम कर रही है।

जिसके बाद आज बुधवार को चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भी तारिखों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि हिमाचल चुनाव के लिए ऐलान करते हुआ आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में कई सारे बदलाव किए थे, ठिक उसी तरह के बदलाव अब गुजरात चुनाव में दिख रहा है।

बता दें कि हिमाचल चुनाव के लिए तारिखों का ऐलान करते हुए आयोग ने कहा था कि अब की बार चुनाव में वोटिंग के लिए EVM के साथ VVPAT मशीन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। जिसके बाद अब चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भी EVM के साथ VVPAT मशीन के इस्तीमाल किए जाने का फैसला लिया है।

क्या है VVPAT

यानी वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल, यह एक तरह का मशीन है,जिसे ईवीएम मशीन के साथ जोड़ा जाता है। इसका फायदा यह है कि जब वोटर ईवीएम पर अपने उम्मीदवार को वोट देता है तो इस मशीन में वह उस प्रत्याशी का नाम भी देख सकता है, जिसे उसने वोट दिया है।

वीवीपीएटी मशीन के तहत वोटर विजुअली सात सेकंड तक देख सकेगा कि उसने किसे वोट किया है, यानी कि उसका वोट उसके अनुसार ही पड़ा है, इस मशीन के जरिए मतदाता को प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह और नाम उसकी ओर से चुनी गई भाषा में दिखाई देगा।

वीवीपीएटी मशीन को ईवीएम के साथ जोड़ा जाता है। इससे मतदाता की जानकारी को प्रिंट करके मशीन में स्टोर कर लिया जाता है और विवाद की स्थिति में जानकारी को उपलब्ध कराकर समस्या को सुलझाया जा सकता है।

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