नागपुर। उत्तर प्रदेश एटीएस और मिलिट्री इंटेलीजेंस ने जासूसी के आरोप में सोमवार को डीआरडीओ के सीनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट से अहम तकनीकी जानकारियां चोरी कर अमेरिका और पाकिस्तान में हैंडलर्स तक पहुंचायीं। बताया जा रहा है कि इंजीनियर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए की एक महिला एजेंट के जाल में फंसा था।

40 लोगों की टीम को लीड करता था आरोपी

जानकारी के मुताबिक आरोपी निशांत अग्रवाल डीआरडीओ के ब्रह्मोस एयरोस्पेस में चार साल से सीनियर सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। वह हाइड्रोलिक-न्यूमेटिक्स और वारहेड इंटीग्रेशन (प्रोडक्शन डिपार्टमेंट) के 40 लोगों की टीम को लीड करता है। निशांत ब्रह्मोस की सीएसआर और आरएनडी ग्रुप का सदस्य भी है। फिलहाल वह ब्रह्मोस के नागपुर और पिलानी साइट्स के प्रोजेक्ट का कामकाज देख रहा था। पिछले साल यूनिट से उसे युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार मिला था।

सोशल मीडिया से जानकारी भेज ताथा आरोपी

बताया जा रहा है कि आरोपी दिल्ली में मौजूद सीआइए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) की एजेंट और पाकिस्तान के हैंडलर के संपर्क में था। वह मिसाइल तकनीक की जानकरियां भेजने के लिए सोशल मीडिया के इंक्रिप्टेड, कोडवर्ड और गेम के चैट जोन का इस्तेमाल कर रहा था। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले पर नजर बनाये हुए हैं। पूछताछ में पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने मिसाइल से जुड़ी कौन-कौन सी सूचनाएं लीक की है। इससे पहले रविवार रात को कानपुर से एक महिला को पकड़ा गया था।

300 किलोमीटर तक मार कर सकती है ब्रह्मोस

सेना के जंगी बेड़े में शामिल ब्रह्मोस मिसाइल परमाणु हथियारों के साथ हमला करने में सक्षम है। यह 3700 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से 290 किलोमीटर तक मार करती है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरने के कारण रडार की पकड़ में नहीं आती है। इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version