नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आनेवाले समय में झारखंड विकसित राज्य श्रेणी में खड़ा होगा। सरकार निवेशकों का स्वागत ग्रीन कारपेट बिछा कर करेगी। झारखंड में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। निवेशकों के लिए झारखंड में जमीन की कोई कमी नहीं रहेगी। 2014 में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हुई और जनता ने स्थिर सरकार दिया। वर्ष 2016 में निवेशकों की जरूरत को ध्यान में रख कर 15-16 नीतियां बनायीं। कोई भी निवेशक तभी आयेगा, जब आपकी नीति अच्छी होगी। त्वरित निर्णय लिये जायेंगे। पारदर्शी व्यवस्था रहेगी। श्री दास मंगलवार को नयी दिल्ली के होटल इंपीरियल में ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट को लेकर आयोजित रोड शो में स्टेकहोल्डर को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि समिट में 29 नवंबर को 50 फूड प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने स्टेकहोल्डर्स को 29 और 30 नवंबर को राजधानी रांची में आयोजित होनेवाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट में आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुनी करने में यह समिट मील पत्थर साबित होगा।
उद्योग से ज्यादा है कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार हर सेक्टर को फोकस कर काम कर रही है। उद्योग से ज्यादा कृषि के क्षेत्र में रोजगार के अवसर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक सुपर पावर बनाना है, तो गांवों को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि गांव के लोग समृद्ध होंगे, तभी असली भारत की कल्पना साकार होगी।
354 इकाइयों का शिलान्यास, 62 हजार लोगों को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा की वर्ष 2017 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट किया गया था। गुजरात के बाद यह देश का सबसे बड़ा इवेंट था। पिछले डेढ़ वर्षों में 354 इकाइयों का शिलान्यास हुआ। इसमें 49 हजार करोड़ का निवेश हुआ। साथ ही 62 हजार लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि वह खुद हर माह एमओयू की समीक्षा करते हैं और मुख्य सचिव भी लगातार इसकी अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हैं। इस दौरान चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन भी किया गया।
किसानों के लिए खोला गया 100 सिंगल विंडो सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश राज्य पहला है, जहां किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गयी है। किसानों की समस्या के समाधान को लेकर 100 सेंटर खोले गये हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में हर क्षेत्र में निवेश हो रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों की पहली पसंद झारखंड बन गया है। वर्ष 2017 में फूड प्रोसेसिंग के 89 प्लांट लगे। इसमें 3186 लोगों को रोजगार भी मिला। राज्य में अभी 212 फूड प्रोसेसिंग यूनिटें हैं।
आॅर्गेनिक खेती कर भारत करेगा विश्व के बाजार पर कब्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में आर्गेनिक खेती की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत में आर्गेनिक खेती की काफी संभावनाएं हैं। भारत यह क्षमता रखता है कि वह आर्गेनिक खेती कर विश्व के बाजार पर कब्जा कर ले। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को इजराइल भेजा था। नयी तकनीक सीख कर आये हैं। आर्गेनिक खेती की जानकारी भी हासिल की है। अब ये किसान अन्य किसानों को जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड में सरकार आर्गेनिक खेती को तेजी से बढ़ावा दे रही है।
चार जिले में शुरू होगा किसान को-आॅपरेटिव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चीन यात्रा पर गये थे। वहां किसान को-आॅपरेटिव को देखा। यह बहुत अच्छा लगा और उसी समय तय किया कि झारखंड में भी इसे शुरू करेंगे। सोमवार को वह इजराइल से लौटे 25 किसानों के साथ बैठक कर रहे थे। किसानों ने बताया कि इजराइल में भी किसान को-आॅपरेटिव है और उससे किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी चार जिलों में किसान को-आॅपरेटिव खुलेगा। अगले तीन महीने के बाद और चार जिले में किसान को-आॅपरेटिव खोला जायेगा। इस तरह सभी जिले में सरकार चरणबद्ध तरीके से को-आॅपरेटिव खुलेगा।
सखी मंडल के माध्यम से 17 लाख महिलाओं को मिला स्वरोजगार
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में 1.51 लाख सखी मंडल के माध्यम से 17 लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसी प्रकार मुद्रा योजना के द्वारा झारखंड के 14 लाख युवाओं को स्वरोजगार मिला है। सीएम ने कहा कि कृषि, आइटी सहित सभी क्षेत्रों में उद्योग की संभावनाओं पर सरकार जोर दे रही है। यही कारण है कि कृषि पर ग्लोबल समिट होने जा रहा है।