रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को मोरहाबादी मैदान में जेसोवा दिवाली मेला का उद्घाटन किया। उन्होंने लोगों से चाइनीज लाइट की जगह मिट्टी के दीये जलाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में हम पारंपरिकता को कहीं पीछे छोड़ते जा रहे हैं। प्लास्टिक की प्रतिमाएं और साज-सज्जा की वस्तुओं का क्रय करते हैं, जबकि सदियों से परंपरा मिट्टी के दीयों और प्रतिमाओं की रही है।
आधुनिकता भी जरूरी है, लेकिन परंपरा को साथ लेकर चलना उससे भी जरूरी। दिवाली एक ऐसा त्योहार है, जिसका इंतजार कुम्हार भाई और बहनों को पूरे साल रहता है। दीया, मिट्टी के खिलौने और भगवान की प्रतिमाएं कुम्हार बनाते हैं। उनकी कला को सम्मान देना और उनके आर्थिक उन्नयन में सहायक बनना हमारा फर्ज है और सदियों से चली आ रही परंपरा भी यही संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनेवाले दिनों में आंगनबाड़ी में पढ़ाई कर रहे बच्चों के कपड़े खरीदने का काम स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जायेगा। सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण भी देगी।
शहीदों का सम्मान एक नेक कार्य : मुख्यमंत्री ने कहा कि जेसोवा ने अब तक बहुत अच्छा कार्य किया है। देश की सुरक्षा में शहीद होने वाले वीरों के आश्रितों, शिक्षा से वंचितों को शिक्षा, गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना एक नेक कार्य है। जेसोवा ने जिस प्रकार आज देश की सुरक्षा में शहीद दो जवानों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की, वह सराहनीय है। हम किसी की जान लौटा नहीं सकते, लेकिन उनके पीछे रह गये उनके परिजनों के काम तो आ सकते हैं। यही कार्य जेसोवा संस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवाली जैसा पावन पर्व हमें स्वच्छता के प्रति जागरूक करता है। वर्ष भर की फैली गंदगी को हम घर, दुकान और अन्य स्थानों से हटाते हैं। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि स्वच्छता के लिए दिवाली वर्ष भर मनायें और शहर-राज्य को स्वच्छ बनायें।
शहीदों के आश्रितों को मिला सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो शहीदों की धर्मपत्नी सुचिता तिर्की एवं गुरीति कुजूर को 50-50 हजार का चेक सौंपा। साथ ही, पंख स्कूल हटिया एवं जगरनाथपुर के बच्चों को मुख्यमंत्री ने गर्म कपड़े प्रदान किये। अजय मिश्र की आंखों की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 15 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी रुक्मणी देवी ने मधुकम और अरगोड़ा के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान किये।
मेले में दिख रहा है मिनी भारत का नजारा
चार दिनों तक आयोजित जेसोवा मेला में 240 स्टॉल लगाये गये हैं। परिधानों के साथ साथ साज-सज्जा की वस्तुएं आकर्षण का केंद्र है। झारखंड के अलावा गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, पंजाब, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, कश्मीर और पड़ोसी देश बंगलादेश एवं नेपाल के बुनकरों ने भी मेला में स्टॉल लगाया है। मेला परिसर में मिनी भारत का नजारा दिख रहा है।