पणजी। गोवा में सियासी उथलपुथल के बीच करीब एक महीने तक दिल्ली के एम्स में भर्ती होने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर रविवार को दिल्ली से अपने गृह राज्य लाए गए। एम्स के अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह उनकी हालत खराब होने के बाद थोड़ी देर के लिए उन्हें आईसीयू में रखा गया। इसके कुछ वक्त बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें छुट्टी देने का निर्णय लिया।

हालांकि, एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद भी गोवा में उनका इलाज चलता रहेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत में सरकारी अधिकारियों ने बताया कि सीएम ऑफिस ने गोवा मेडिकल कॉलेज अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि पर्रिकर की सेहत को देखते हुए उनका यहीं पर इलाज जारी रखा जाए। शुक्रवार को पर्रिकर ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ मंत्रालय के बंटवारे और सरकार के कामकाज को लेकर एम्स में ही मीटिंग की थी।

अपने निजी आवास में रहेंगे पर्रिकर
बता दें कि अग्नाशय की बीमारी के इलाज के लिए पर्रिकर को 15 सितंबर को दिल्ली के प्रमुख अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि पर्रिकर पणजी में अपने निजी आवास में ही रहेंगे। अपनी खराब सेहत के चलते मुख्यमंत्री कार्यालय में अनुपस्थिति के दौरान सरकार के सुचारू रूप से काम करने के तरीकों पर चर्चा के लिए शुक्रवार को पर्रिकर ने बीजेपी की गोवा इकाई की कोर कमिटी के सदस्यों और गठबंधन सहयोगी दलों के मंत्रियों से एम्स में मुलाकात की थी। उन्होंने लंबित विकास कार्यों की भी समीक्षा की और अपने कुछ विभागों का कार्यभार मंत्रिमंडल के कुछ साथियों को बांटे जाने पर चर्चा की।

हालांकि, पर्रिकर से अलग से मुलाकात करने वाले सत्तारूढ़ बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी के नेताओं ने राज्य के नेतृत्व में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार किया है। पर्रिकर फरवरी के मध्य से ही बीमार हैं और उनका गोवा, मुंबई और अमेरिका के अस्पतालों समेत कई अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हुआ है। गोवा से लंबे वक्त तक अनुपस्थिति के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोल दिया था। यहां तक कि कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा तक ठोक दिया था।

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