कोडरमा। कोडरमा के मास्टर एवं जोनल प्लान को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें उपायुक्त ने कहा कि आने वाले समय में कोडरमा शहर और आसपास के क्षेत्र में बढ़ते विकास के साथ तालमेल रखने हेतु भविष्य के लिए योजना बनाना जरूरी है। इससे शहर के लोगों को उचित सड़क नेटवर्क एवं पर्याप्त आधारभूत संरचना की सुविधा प्रदान की जा सकेगी। इस प्रकार शहर के भीतर अनियोजित विकास को नियंत्रित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2014 में की गयी थी। इस योजना को कैविनेट द्वारा 2017 में पास किया गया था। 2040 तक कोडरमा जिला को व्यवस्थित करने का मास्टर प्लान एवं जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है।
जोनल प्लान में पांच चीजों पर होता है काम
मास्टर प्लान एवं जोनल प्लान क्या होता है इसके बारे में विशाल जैन, कन्हैया प्रसाद एवं नरेश कुमार ने विस्तार पूर्वक बताया। जोनल प्लान में पांच चीजों पर काम करना होता है। जिसमें जमीन, रोड, आधारिक संरचना, हाउसींग एवं खुली जगह जैसे गार्डेन, खेल मैदान इत्यादि। 2040 तक कोडरमा जिला को मास्टर प्लान के हिसाब से तैयार किये जाने का लक्ष्य है। इसके लिए एक मैप बनाया गया है। मास्टर प्लान एवं जोनल प्लान में 21 गांवों का सर्वे किया जा रहा है। उपायुक्त ने किये गये कार्यों का अगले दो महिनें में पुन: सर्वे करने का निर्देश दिया।