वॉशिंगटन : अमेरिका में प्रवासियों की बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। दरअसल, उन्होंने अमेरिका की धरती पर अवैध प्रवासियों और गैरनागरिकों के जन्मे बच्चों के लिए लागू नागरिकता के अधिकार को खत्म करने का मन बना लिया है। आपको बता दें कि मौजूदा कानून के तहत अमेरिका में जन्मा कोई भी बच्चा भले ही उसके माता-पिता देश के नागरिक न हों या वह अवैध प्रवासियों की संतान हो पर वह अपने आप नागरिकता पाने का हकदार हो जाता है। ट्रंप के इस फैसले से हजारों भारतीय भी प्रभावित हो सकते हैं।
अब ट्रंप इस कानून को खत्म करने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति इस कथित ‘चेन माइग्रेशन’ के पूरी तरह खिलाफ हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘दुनिया में हमारा इकलौता ऐसा देश है, जहां लोग आते हैं और बच्चे जन्म लेते हैं तो बच्चा निश्चित तौर पर सभी बेनिफिट्स के साथ 85 साल के लिए अमेरिका का नागरिक बन जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह हास्यास्पद है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।’
भारतीय भी होंगे प्रभावित
अगर राष्ट्रपति यह फैसला लेते हैं तो इससे भारतीय भी प्रभावित होंगे। दरअसल, भारतीय माता-पिता के जन्मे हजारों बच्चे (इनमें गेस्ट वर्कर वीजा और विजिटर वीजा होल्डर्स के बच्चे भी शामिल हैं) अपने आप हर साल अमेरिकी नागरिक बन जाते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा कानून के तहत नवजात के माता-पिता की आवासीय स्थिति को जाने बगैर ही अमेरिका में जन्मा कोई भी बच्चा जन्म से नागरिक मान लिया जाता है। यह बच्चा किसी भी दूसरे अमेरिकी नागरिक को मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं को पाने का हकदार बन जाता है। बच्चे के जन्म के बाद अमेरिकी बर्थ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया जाता है।