नई दिल्ली: भारतीय सेना की तरह अब इंडियन एयरफोर्स यानी आईएएफ भी हथियारों और लड़ाकू विमानों के स्वदेश में विकास का पुरजोर समर्थन कर रहा है। तभी तो आईएएफ ने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी सुपर फाइटर एयरक्राफ्ट (एफजीएफए) के विकास के साथ-साथ पहले 123 मार्क-I जेट्स को अपने बेड़े में शामिल करने के बाद 200 तेजस मार्क-II कॉम्बेट एयरक्राफ्ट के लिए भी अपनी तत्परता दिखाई है। यानी अब आईएएफ के बेड़े में तेजस मार्क-II एयरक्राफ्ट्स भी शामिल किए जाएंगे।
एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार भदौरिया के मुताबिक, फिलहाल एफजीएफए यानी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट को आयात करने का कोई विचार नहीं है। अब अपने देश में ही कॉम्बेट एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जाएगा। स्वदेशी एमसीए यानी अडवांस्ड मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हम इसमें पूरे जी-जान से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इंडिया’ अभियान के प्रति आईएएफ प्रतिबद्ध है।