गुमला/बसिया। भारत के वीर सपूतों की सूची में गुमला के एक और जांबाज का नाम अंकित हो गया। गुमला जिला के बसिया प्रखंड क्षेत्र की ओकबा पंचायत के टेंगरा गांव निवासी जीतू गोप के पुत्र संतोष गोप देश की रक्षा करते सीमा पर शहीद हो गये। वह शनिवार रात पाकिस्तानी गोलाबारी का सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोलाबारी की गयी थी।
परिजनों को संतोष के शहीद होने की सूचना भारतीय सेना के अधिकारी द्वारा शनिवार रात लगभग 10 बजे दी गयी। रविवार सुबह खबर की पुष्टि के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल पैदा हो गया। शहीद के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल था। दिन चढ़ते-चढ़ते शहीद के घर के सामने लोगों का हुजूम एकत्र हो गया।
आज गांव आयेगा पार्थिव शरीर
जानकारी के अनुसार शहीद संतोष का पार्थिव शरीर सोमवार को विमान से रांची लाया जायेगा। वहां से उसे उनके पैतृक गांव लाया जायेगा और पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। इसकी तैयारी प्रशासन की ओर से की जा रही है। शहीद के शव को हेलीकॉप्टर से लाये जाने की संभावना है। गांव में अस्थायी हेलीपैड बनाने की तैयारी प्रशासन की ओर से हो रही है।
ममरला हाइस्कूल में संतोष ने की थी पढ़ाई
संतोष ने स्कूली शिक्षा ममरला स्थित निर्मला उच्च विद्यालय से हासिल की थी। उन्होंने वर्ष 2009 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इंटर की पढ़ाई उन्होंने गुमला में की। मार्च 2012 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
सीएम ने जताया शोक
संतोष गोप की शहादत पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि गुमला के सिसई निवासी संतोष गोप की शहादत पर हमें गर्व है। भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन में शहीद संतोष ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी है। सरकार समेत झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता उनके परिजनों के साथ है।
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