रांची। कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के सभागार में आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब की वार्षिक बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने शपथ पत्र भर कर नेत्रदान किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम से कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल को जोड़ेंगे, ताकि जन्मजात मोतियाबिंद से ग्रसित बच्चों एवं प्रीमेच्योर बच्चों की रेटिना का इलाज लेजर पद्धति द्वारा मुफ्त हो सके। प्रीमेच्योर बच्चों में रेटिना की बीमारी होने से जन्म के 30 दिन में इलाज नहीं होने से दृष्टि हमेशा के लिए जा सकती है। इस कारण यह पहल की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी आई बैंकों को देशव्यापी कॉर्निया डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से जोड़ा जायेगा, ताकि राज्य के दूसरे आई बैंकों में जहां नेत्र प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षारत कॉर्निया जनित दृष्टि हीनों की लंबी सूची है, वहां प्रतीक्षारत दृष्टिहीनों को समय से कॉर्निया उपलब्ध हो सके और उनकी रोशनी बचायी जा सके।
आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब के अध्यक्ष अनुज सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ भारती कश्यप ने बैठक में आये नेत्रदान करने वाले परिवारों का परिचय कराया। कार्यक्रम के दौरान मृत्यु उपरांत अपने परिजनों के नेत्रदान करने वाले परिवारों स्वर्गीय वंशिका सरना, पद्मा देवी जैन, हरि प्रसाद साहू, ओम प्रकाश रुंगटा, नालिनी बेन गांधी, शकुंतला देवी और चंदन बाला कोठारी के सराहनीय कार्यों के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मानित किया। नेत्रदान जागरूकता अभियान में सहयोग के लिए डॉ गंगा प्रसाद सिंह, डॉ पंकज सोनी, कमलेश चौहान और विजयेता सिंह को सम्मानित किया गया।
लाभुक मरीजों ने साझा किये अनुभव
उषा देवी- (35 वर्ष) सिल्ली निवासी ने बताया कि छह भाई-बहनों में से तीन को कॉर्निया की जन्मजात बीमारी है, जिसकी वजह से कॉर्निया खराब हो गयी है। उसके एक भाई ने कोलकाता में दूसरे भाई ने कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में डॉ बीपी कश्यप और डॉ भारती कश्यप के द्वारा नेत्र प्रत्यारोपण करवाया था। मैंने भी एक वर्ष पूर्व कश्यप हॉस्पिटल में डॉ निधि के द्वारा अपना प्रत्यारोपण कराया। रांची के रहनेवाले कुणाल ने बताया कि मेरी मां का मोतियाबिंद आॅपरेशन होने के सात दिन के अंदर ही आंखों की रोशनी पूरी चली गयी थी। कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के सफल नेत्र प्रत्यारोपण के विषय में जानकारी थी, इस लिए मैंने 72 वर्षीय मां की आंखों का नेत्र प्रत्यारोपण कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में कराया। अभी मां बहुत खुश है और उनकी रोशनी वापस आ गयी है।
डिजिटली भी चला नेत्रदान जागरूकता अभियान: डॉ भारती कश्यप
कश्यप मेमोरियल आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ भारती कश्यप ने बताया कि पिछले राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा से इस राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा तक 55 नेत्र प्रत्यारोपण किये गये हैं, जिसमें 12 कॉर्निया स्थानीय लोगों द्वारा मृत्यु उपरांत दान में मिले। बाकी के कॉर्निया डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से मंगवाये गये। कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति में समाज में जागरूकता के स्तर को जांचने के लिए गूगल फॉर्म विकसित किये गये और 5000 छात्रों को डिजिटल माध्यम से इसे भेजा। साथ ही डिजिटल माध्यम से नेत्रदान जागरूकता अभियान भी चलाया गया। जिसमें पाया गया कि डिजिटल माध्यम न्यूज पेपर, टीवी और रेडियो के जैसा ही असरदार है। डिजिटल माध्यम से नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम चलाने के बाद भी जब लोगों से नेत्रदान का शपथ पत्र भरने को कहा गया, तो उसमें से सिर्फ 39 प्रतिशत लोगों ने शपथ पत्र भरने की इच्छा जतायी।
डिजिटल क्लब के सदस्य बने राहुल सिंह
दैनिक आजाद सिपाही के एमडी राहुल सिंह को डिजिटल क्लब का सदस्य बनाया गया है। आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब के तहत इन्हें जोड़ा गया है। साथ ही मनीष मेहता भी सदस्य बने हैं। इसके अलावा फाउंडर मेंबर हरिनारायण सिंह, बैद्यनाथ मिश्र और रजत गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।

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