कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाथरस की घटना को लेकर सामाजिक माहौल पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि बहुत से भारतीय दलित, मुस्लिम और आदिवासियों को मानव नहीं मानते हैं। परस्पर सद्भाव वाले इस देश में इस प्रकार का भाव और विचार शर्मनाक है।
राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि ‘शर्मनाक सच्चाई यह है कि कई भारतीय दलित, मुस्लिम और आदिवासियों को मानव नहीं मानते हैं। मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस का कहना है कि किसी के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है क्योंकि उनके लिए और कई अन्य भारतीयों के लिए वह कोई नहीं थी।’
अपने ट्वीट के साथ राहुल ने एक लेख भी साझा किया है, जिसमें बताया गया है कि पीड़िता दर्द से कराहते हुए बार-बार कह रही थी कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया लेकिन पुलिस- प्रशासन ने उनकी बात तक नहीं सुनी। 14 दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद पीड़िता ने दम तोड़ दिया और उसका आधी रात को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने कहा कि उसके साथ कोई दुराचार नहीं किया गया था।
इससे पहले भी राहुल ने हाथरस घटना को लेकर सरकार को निशाने पर लेकर कहा था कि पूरे परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निशाना बनाया गया। यहां तक कि जिलाधिकारी द्वारा उन्हें धमकाया भी गया। इन सबके बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मामले पर एक भी शब्द नहीं कहा। पूरा देश देख रहा है कि हाथरस की घटना पर किस तरह पीएम की चुप्पी दोषियों को बचाने का काम कर रही है।
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