राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख सरसंघचालक डा. मोहन राव भागवत ने आंध्र प्रदेश में अपनी शाखाओं और गतिविधियों के विस्तार का आह्वान किया है। उन्होंने शनिवार को मंगलगिरी मंडल के नुटाकी में स्थिर विज्ञान विहार स्कूल में दो दिवसीय आंध्र प्रदेश क्षेत्रीय और मंडल प्रचार बैठक के पहले दिन मार्गदर्शन किया।
सरसंघचालक डा. भागवत ने कहा कि संघ निरंतर शिक्षा और सेवा जैसे 50 क्षेत्रों में काम कर रहा है और अधिक क्षेत्रों में विस्तार करना चाहता है। वे चाहते हैं कि विभाग के स्तर पर प्रवासियों के रहन-सहन और उनकी दुर्दशा के लिए क्षेत्रवार जवाबदेही तय हो। सूत्रों के अनुसार राज्य में हिन्दू मंदिरों पर हो रहे हमलों और उसके परिणामों के बारे में भी सरसंघचालक को अवगत कराया गया।
सरघंघचालक डा. भागवत ने सेवाभारती द्वारा विकसित ‘रक्त सेवा एप’ आरंभ किया। आंध्र प्रदेश सेवाभारती राज्य की ओर से इस एप का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस बारे में सेवा भारती सचिव काकनी पृथ्वीराज ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर यह एप लोगों के लिये बहुत मददगार सिद्ध होगा। अगर कोई कोरोना पीड़ित इसमें अपना विवरण दर्ज करेगा तो उसे रक्त और प्लाज्मा जैसे विवरणों की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही उसकी जरूरत में यह एप मदद भी करेगा।
प्रशिक्षण वर्गों में दक्षिण क्षेत्र संघचालक नागराजू, क्षेत्र संघचालक भूपतिराजु श्रीनिवासराजा, संघचालक डौसी रामकृष्ण, प्रांत प्रचारक भरत, कार्यवाह आदित्य वेणुगोपाल नायडू आदि उपस्थित थे।
इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डा. भागवत ने शनिवार को वहां पर स्थित प्राचीन किले का भी दौरा किया। दुर्गा भवानी मंदिर के अधिकारियों ने संघ प्रमुख का भव्य स्वागत किया। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी सुरेशबाबू ने देवी के चित्र पट के साथ प्रसाद भी भेंट किया।