असम कांग्रेस (Assam Congress) ने अपने विधायक शर्मन अली अहमद (Sherman Ali Ahmed) को लगभग 40 साल पहले एक निष्कासन अभियान (Eviction Drive) पर भड़काऊ बयान (Provocative statement) देने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद आज निलंबित कर दिया. कांग्रेस ने निलंबन के समय बयान में कहा, “विधायक शर्मन अली अहमद ने पार्टी के अनुशासन का बार-बार उल्लंघन किया है. जिसके लिए अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.”
वहीं कल ही उनकी गिरफ्तारी भी की गई. दरअसल असम कांग्रेस के विधायक शर्मन अली अहमद को साल 1983 में दरांग जिले में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान ‘भड़काऊ’ टिप्पणी करने के लिए राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शनिवार को दिसपुर में उन्हें में लिया गया था. पुलिस ने हिरासत में लिए जाने के बाद उनसे पूछताछ की जिसके बाद उन्हें पानबाजार पुलिस थाने ले जाया गया जहां बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शर्मन पर आईपीसी की धारा 124ए (राजद्रोह) के तहत उनके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है.
भाषण पर कई संगठनों ने दर्ज कराई थी शिकायत
विधायक अहमद ने कथित तौर पर कहा था कि साल 1983 के आंदोलन में मारे गए आठ लोग “शहीद नहीं, बल्कि हत्यारे” थे, क्योंकि वे सिपाझार इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मारने में शामिल थे. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि आठ लोगों पर हुआ “हमला” उस क्षेत्र की मुस्लिम आबादी द्वारा “आत्मरक्षा” का कार्य था.
मालूम हो कि विधायक के भड़काउ भाषण के खिलाफ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा भाजयुमो सहित कई संगठनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.अपने कारण बताओ नोटिस में, असम कांग्रेस ने विधायक शर्मन अली अहमद पर राज्य में उपचुनाव से पहले “पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से” राजनीति से प्रेरित बयान देने का आरोप लगाया है.