आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड प्रदेश में ‘गांव की सरकार’ चुनने की तैयारी तेज हो गयी है। सब कुछ ठीक रहा तो राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत दिसंबर के दूसरे हफ्ते से लेकर जनवरी के पहले हफ्ते तक पांच चरणों में चुनाव कराये जा सकते हैं। इस संबंध में सोमवार को राज्य के संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।

मुलाकात के बाद मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिसंबर के अंत तक हर हाल में पंचायतों के चुनाव करा लिये जायें। उन्होंने कहा कि चुनाव का असर पर्व त्योहार पर नहीं पड़े इसका ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने संकेत दिया कि छठ पूजा के बाद चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। इससे पहले अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जायेंगी।

बता दें कि झारखंड में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2020 में ही पूरा हो चुका था। कोविड-19 महामारी की वजह से दो बार पंचायती राज व्यवस्था को सरकार विस्तार दे चुकी है। पंचायतों को दूसरी बार विस्तार देने के लिए राज्य सरकार को झारखंड विधानसभा में विगत मानसून सत्र के दौरान विधेयक पारित कराना पड़ा था। चुनाव की तैयारी को लेकर प्रक्रियाएं धीरे-धीरे पूरी की जा रही हैं। जून में वोटर लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया गया था। सीटों को आरक्षित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। चुनाव चिह्न अधिसूचित किया जा चुका है। फोटोयुक्त मतदाता सूची का काम किया जा रहा है।

शांतिपूर्ण चुनाव को लेकर पुलिस अधीक्षक निर्देशानुसार सुरक्षा बल की तैनाती का खाका तैयार कर रहे हैं। चुनाव अधिकारियों एआरओ, आरओ की प्रतिनियुक्ति भी की जा रही है। अब राज्य में कोविड से उपजे हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं, तो तीनों स्तर पर पंचायतों के चुनाव की कवायद तेज हो गयी है। संसदीय कार्य मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी तैयारियों से अवगत कराया। चुनाव को लेकर चर्चा हुई। अब पंचायती राज विभाग द्वारा चुनाव के लिए कैबिनेट का प्रस्ताव तैयार किया जायेगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जायेगा। वहां से मंजूर होने पर अधिसूचना जारी की जायेगी और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी।

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